मंत्री सिंधिया ने कहा एक दशक में मोबाइल फोन पर बात करना 94% सस्ता हुआ

नई दिल्ली

 संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार कहा कि दूरंसचार कंपनियों ने 5 जी सेवाओं के लिए 4.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है और इस निवेश की भरपाई के लिए दूरसंचार टैरिफ में 10 प्रतिशत की वृद्धि किये जाने के बावजूद भारत पूरी दुनिया में अब भी सबसे किफायती टेलीकॉम सेवाएं दे रहा है।

श्री सिंधिया ने प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला के एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि वर्ष 2014 में एक मिनट कॉल की कीमत औसतन 50 पैसे थी, जबकि 2025 में यह 94 प्रतिशत कम होकर तीन पैसे प्रति मिनट है। इसी तरह से वर्ष 2014 में एक जीबी डेटा की कीमत 270 रुपये थी, जबकि 2025 में यह 93 प्रतिशत कम होेकर 9.70 रुपये प्रति जीबी है।

ग्राहकों की संख्या भी बढ़ी

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि साल 2014 से मोबाइल फोन कॉल दरों में 94 फीसदी की कमी आई है। सिंधिया ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब देते हुए कहा कि देश में पहले 90 करोड़ मोबाइल फोन उपभोक्ता थे जो अब बढ़कर 116 करोड़ हो गए हैं।
इंटरनेट की पहुंच बढ़ी और दर घटी

उन्होंने कहा, ‘‘…इंटरनेट पहुंच की बात करें तो 2014 में 25 करोड़ उपभोक्ता थे और आज यह संख्या 97 करोड़ है।’’ मंत्री ने कहा कि जब उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ती है तो आवश्यक है कि शुल्क दरों की निगरानी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि साल 2014 में जहां एक मिनट की कॉल की दर 50 पैसे थी, वहीं आज यह घट कर तीन पैसे रह गई है। इस प्रकार दर में 94 फीसदी की गिरावट आई है। सिंधिया ने कहा कि कि 2014 में डेटा यानी इंटरनेट 270 रुपये प्रति जीबी थी जो अब घटकर 9.70 रुपये प्रति जीबी हो गई है जो ‘टैरिफ’ में 93 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।

दुनिया में सबसे किफायती देश

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में इंटरनेट और कॉल दरों के मामले में सबसे किफायती देश है। उन्होंने कहा कि ‘टैरिफ’ में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, ऐसा देश में 5जी सेवा के लिए किए गए निवेश के कारण हुआ है। उन्होंने सदन को बताया कि काफी तेज गति से 5जी सेवा शुरू की गयी है और इसमें करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
शुल्क वृद्धि सही

उन्होंने शुल्क दरों में वृद्धि को सही ठहराते हुए कहा कि निवेश पर ‘रिटर्न’ मिलना चाहिए।

श्री सुरजेवाला ने कहा था कि दूरसंचार कंपनियों ने टैरिफ में वृद्धि करके 38 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बोझ उपभोक्ताओं पर डाला है। श्री सिंधिया ने कहा कि पिछले 10 वर्षाें में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचार क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। टेलीकॉम कंपनियां रिकार्ड 22 महीने में देश के 98 प्रतिशत जिलों और 82 प्रतिशत आबादी को 5 जी के दायरे में लायी है। इसके लिए कंपनियों ने 4.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है।

मंत्री ने कहा कि कंपनियों को अपने निवेश पर रिटर्न भी चाहिए होता है। इसके लिए टैरिफ में 10 प्रतिशत की बढोतरी की गयी है। इससे उपभोक्ताओं पर बड़ा बोझ नहीं पड़ेगा।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में 2590 ऐसे गांवों की पहचान की गयी है जहां दूरसंचार सेवाएं पहुंचायी जा रही है। इसके लिए 15 राज्यों में 1716 टावर लगाये जा रहे हैं। 901 गांवों में टावर लगाये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी कुछ क्षेत्रों में टावर लगाये जा रहे हैं लेकिन राज्य सरकार का पूरा सहयोग नहीं मिल रहा है। राज्य सरकार टावर लगाने के लिए भूमि भी उपलब्ध कराने में देरी कर रही है। इसके साथ ही दूरस्थ और पहाड़ी एवं जंगली क्षेत्रों में टावर लगाना कठिन होता है।

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