भोपाल में जैन संत आचार्यश्री विद्यासागर जी की स्मृति में एक स्मारक स्थल का निर्माण किया जाएगा: सीएम डॉ. मोहन यादव

भोपाल
भोपाल में जैन संत आचार्यश्री विद्यासागर जी की स्मृति में एक स्मारक स्थल का निर्माण किया जाएगा, यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विधानसभा में आयोजित स्मृति दिवस कार्यक्रम में की। मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज और अन्य संसघ जैन संतों के सान्निध्य में आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज का प्रथम स्मृति दिवस मनाया गया।

सीएम बोले- आचार्यश्री साक्षात देवता थे
अपने संबोधन में सीएम डॉ. यादव ने आचार्य श्री का पुण्य स्मरण करते कहा कि इसी विधानसभा में उनके अलौकिक स्वरुप के दर्शन किये तो ऐसा लगा था कि साक्षात देवता हमारे बीच पधारे थे। ये कहना गलत होगा कि आचार्यश्री हमारे बीच नहीं हैं, वे हमारे ही बीच हैं बस उन्हें स्मरण करने की देर है। आचार्यश्री ने सच्चे अर्थों में मानव सेवा के साथ प्रकृति सेवा की। उनके सामने तप, संयम, त्याग, सेवा ये शब्द छोटे पड़ जाते हैं। आचार्यश्री भले ही कर्नाटक में जन्मे लेकिन आज हर कोई उन्हें अपना मानता है।

आचार्यश्री ने गौसंरक्षण के लिए चलाया था अभियान
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आचार्यश्री ने गौपालन, गौसंरक्षण और गौसंवर्धन पर भी जोर दिया। उन्होंने गौमांस निर्यात का विरोध करने कई वर्षों पर पहले अभियान शुरू कर दिया था। आज जैन समाज की ओर से पूरे देश में कई गौशालाएं संचासलित की जा रही है। क्योंकि गोमाता के माध्यम से पूरी प्रकृति बदल सकती है। गोमाता के भीतर वह भाव है जो अपने बच्चों का ख्याल रखती है और मनुष्य के बच्चों का भी ख्याल रखती है।
 
भोपाल में बनेगा स्मारक स्थल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन के अंत में एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आचार्यश्री की स्मृति में भोपाल में भी एक स्मारक स्थल बनाया जाएगा जहां उनसे जुड़ी स्मृतियां संजोई जाएंगी। स्थान चयन बाद में किया जाएगा। सीएम डॉ. यादव की इस घोषणा का जैन समाज के हजारों लोगों ने काफी देर तक तालियां बजाकर जोरदार स्वागत किया।
 
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुनिश्री के किये पादप्रक्षालन
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत में मुनिश्री प्रमाण सागर जी महाराज के पादप्रक्षालन (चरण पखारकर) उनका आशीर्वाद लिया। साथ ही आचार्यश्री के जीवन पर आधारित 25 पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इस कार्यक्रम में भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, भोपाल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष मनोज जैन बांगा समेत कई जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी मौजूद रहे।

संयम, ज्ञान, सेवा, समर्पण, न्याय का आदर्श हैं विद्यासागर जी महाराज
जिस तरह दृश्य बदलते हैं, उसी तरह महा पुरुष शरीर बदलते हैं। विद्यासागर जी महाराज ने अपने जीवन आदर्शों से वह आदर्श प्रस्तुत किए, जिससे वे जीते जी देवता की तरह पूजे गए, पूजे जाते रहेंगे। वे सिर्फ आंखों से ओझल हुए हैं, लेकिन वे, उनके आदर्श, उनके बताए गए सद्मार्ग हमेशा हमारे साथ रहने वाले हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गुरुवार को जैन मुनि विद्यासागर जी महाराज की पहली समाधि स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में यह बात कहीं। उन्होंने कहा कि मुनि विद्यासागर जी महाराज ने अपने जीवनकाल में उन सभी आदर्शों और नियमों का पालन किया, जो एक सफल जीवन के लिए आवश्यक है।

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