उज्जैन के महाकाल मंदिर में अवैध वसूली रोकने के लिए मंदिर समिति ने बनाई नई व्यवस्था, भक्तों से फीडबैक लिया जा रहा

उज्जैन

 जय श्री महाकाल… आपसे भस्म आरती दर्शन के लिए मंदिर में किसी भी व्यक्ति ने निर्धारित शुल्क (200 रुपये) से अधिक रुपये तो नहीं लिए हैं? इस प्रश्न के साथ अब अगर ऐसा कोई फोन कॉल आपके पास आए तो चौंकिएगा नहीं, क्योंकि ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर कार्यालय से भस्म आरती दर्शन करने वाले दर्शनार्थियों से यह फीडबैक लिया जा रहा।

दरअसल, मंदिर में दर्शन के नाम पर अवैध वसूली की रोकथाम के लिए यह कदम उठाया गया है। वजह यह है कि ऐसे बहुत सारे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें ज्योतिर्लिंग में दर्शन और भस्म आरती के नाम पर भक्तों से अवैध वसूली की गई।

आपको भी आ सकता है फोन

अगर आप भी बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए हैं या होने वाले हैं तो आपको भी फोन आ सकता है. महाकाल मंदिर की तरफ से आए फोन को रिसीव करते ही उधर से बोला जा रहा है, जय श्री महाकाल… आपसे भस्म आरती दर्शन के लिए मंदिर में किसी भी व्यक्ति ने निर्धारित शुल्क (200 रुपये) से अधिक रुपये तो नहीं लिए हैं? यदि आपको भी ऐसे काल आते हैं तो आप चौंकियेगा मत, क्योंकि यह फोन कॉल मंदिर प्रशासन की तरफ से ही किया जा रहा है.

अवैध वसूली पर रोक के लिए बनाई गई व्यवस्था

गौरतलब है कि आम भक्तों के लिए महाकाल मंदिर में अवैध वसूली को रोकने के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है. इसी के तहत भस्म आरती में शामिल होने वाले भक्तों को फोन कॉल कर फीडबैक लिया जा रहा है. क्योंकि ऐसे बहुत से मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें बाबा महाकाल के दर्शन और भस्म आरती के नाम पर अवैध वसूली की गई. इसमें मंदिर कर्मचारियों की भी भूमिका सामने आई. उन पर कार्रवाईया होती रहीं. लेकिन अवैध वसूली पर लगाम नहीं लग सका. कर्मचारी और दलाल दर्शन के नाम पर भक्तों से खूब अवैध धन राशि वसूलते थे.

जानिए कितने रुपये लिया जाता है शुल्क

जानकारी के मुताबिक, मंदिर प्रशासन की तरफ से प्रोटोकाल और ऑनलाइन अनुमति प्राप्त करने के लिए 200 रुपये शुल्क लिया जाता है. वहीं, पूरे दिन प्रोटोकाल दर्शन के लिए 250 रुपये शुल्क लगता है. वहीं. भस्म आरती दर्शन के लिए 2,00 रुपये निर्धारित है. इसके अलावा  महाकाल मंदिर समिति द्वारा प्रतिदिन 300 सामान्य दर्शनार्थियों को निश्शुल्क भस्म आरती अनुमति प्रदान की जाती है. 

 

 

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