राजस्थान रोडवेज बस में शराबी कंडक्टर ने महिला यात्री से बदसलूकी, लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा

सवाई माधोपुर

सवाई माधोपुर रोडवेज डिपो से जयपुर जा रही बस में कंडक्टर पर महिला यात्री से अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम सवाई माधोपुर आगार की रोडवेज बस के कंडक्टर देवीलाल जाट शराब के नशे में धुत होकर यात्रियों के टिकट बना रहा था। इस दौरान उसने एक महिला यात्री को गलत टिकट दिया और विरोध करने पर उससे बदसलूकी की। इससे  गुस्साएं यात्रियों ने बस रोक दी और थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने कंडक्टर को हिरासत में ले लिया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद रोडवेज प्रबंधन ने आरोपी कंडक्टर को रूट से हटा दिया और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।

जानकारी के मुताबिक सवाई माधोपुर रोडवेज डिपो से एक बस वाया बौंली होते हुए जयपुर की ओर जा रही थी। इस इस दौरान बस कंडक्टर देवीलाल जाट शराब के नशे में धुत होकर बस में यात्रियों के टिकट बनाने लगा। इस दौरान एक महिला यात्री ने बस कंडक्टर से बार-बार जामडोली का टिकट मांगा, लेकिन नशे में धुत बस कंडक्टर ने महिला यात्री का टिकट जामडोली की बजाय निवाई का बना दिया। जिस पर महिला यात्री ने बस कंडक्टर को टोका तो बस कंडक्टर महिला यात्री के साथ बदसलूकी पर उतर आया। इस दौरान नशे में धुत बस कंडक्टर अन्य यात्रियों के साथ भी गलत तरीके से पेश आया।

आरोप है कि कंडक्टर ने शराब पी रखी थी और नशे में धुत था। लगातार बस में सवार यात्रियों से दुर्व्यवहार कर रहा था। शराबी बस कंडक्टर की हरकतों से तंग आकर गुस्साए बस यात्रियों ने टोरडा गांव में रोडवेज बस को रोक लिया और सभी आक्रोशित यात्री बस से नीचे आ गए। हंगामा देख गांव के ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए और बौंली थाना पुलिस को भी मौके पर बुला लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि कंडक्टर देवीलाल जाट आए दिन शराब पीकर ही बस में अपनी ड्यूटी करता है और यात्रियों से दुर्व्यवहार करता है। ऐसे में ड्यूटी पर लापरवाही बरतने वाले कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए। भीड़ का गुस्सा देखकर पुलिस ने कंडक्टर को हिरासत में ले लिया। उसके बाद रोडवेज बस को रवाना किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने घटना का वीडियो भी बना लिया और वायरल कर दिया।

रोडवेज ने जारी किया नोटिस
शराब के नशे में धुत बस कंडक्टर द्वारा महिला यात्री सहित अन्य यात्रियों के साथ बदसलूकी करने का वीडियो वायल होने के बाद सवाई माधोपुर रोडवेज आगार प्रबंधक पीयूष जैन द्वारा आरोपी बस कंडक्टर देवीलाल जाट को रूट से हटा दिया गया। साथ ही नोटिस जारी किया गया है। मामले को लेकर रोडवेज आगार प्रबंधक पीयूष जैन का कहना है कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी बस कंडक्टर के खिलाफ आवश्यक विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं बौंली थाना पुलिस आरोपी बस कन्डेक्टर की शांतिभंग में गिरफ्तार किया है।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति