दिल्ली विधानसभा चुनावों में लेफ्ट पार्टियां जिन छह सीटों पर चुनाव लड़ रही थीं, वहां उन्हें NOTA से भी कम वोट मिले

नई दिल्ली
दिल्ली विधानसभा चुनावों में लेफ्ट पार्टियां (वाम दल) जिन छह सीटों पर चुनाव लड़ रही थीं, वहां उन्हें NOTA (नन ऑफ द एबव) से भी कम वोट मिले. यह चुनाव उनके लिए पूरी तरह निराशाजनक साबित हुआ. सीपीआई (एम), सीपीआई और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने कुल मिलाकर 2,158 वोट हासिल किए, जबकि NOTA को 5,627 वोट मिले. यानी इन सीटों पर लोगों ने वाम दलों को वोट देने से बेहतर कोई उम्मीदवार नहीं चुनने (NOTA) का विकल्प चुना.
 
कैसा रहा प्रत्याशियों का प्रदर्शन?

करावल नगर
CPI(M) उम्मीदवार अशोक अग्रवाल को 457 वोट मिले.
NOTA को 709 वोट मिले.
बीजेपी के कपिल मिश्रा ने 1,07,367 वोट पाकर जीत दर्ज की.

बदरपुर
CPI(M) के जगदीश चंद को 367 वोट मिले.
NOTA को 915 वोट मिले.
AAP के राम सिंह नेताजी ने 1,12,991 वोट से जीत दर्ज की.
 
विकासपुरी
CPI के शेजो वर्गीस को 580 वोट मिले.
NOTA को 1,127 वोट मिले.
बीजेपी के पंकज कुमार सिंह ने 1,03,955 वोट से जीत दर्ज की.

पालम
CPI के दिलीप कुमार को 326 वोट मिले.
NOTA को 1,119 वोट मिले.
बीजेपी के कुलदीप सोलंकी ने 82,046 वोट से जीत दर्ज की.

नरेला
CPI(ML) के अनिल कुमार सिंह को 328 वोट मिले.
NOTA को 981 वोट मिले.
बीजेपी के राज करण खत्री ने 87,215 वोट से जीत दर्ज की.

कोंडली
CPI(ML) के अमरजीत प्रसाद को सिर्फ 100 वोट मिले.
NOTA को 776 वोट मिले.
AAP के कुलदीप कुमार ने 61,792 वोट से जीत दर्ज की.

लेफ्ट पार्टियों के लिए बड़ा झटका
इस चुनाव में लेफ्ट पार्टियों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा. जिन उम्मीदवारों को लोगों की समस्याओं पर लड़ने के लिए खड़ा किया गया था, उन्हें जनता ने पूरी तरह नकार दिया. इससे यह साफ है कि दिल्ली में लेफ्ट पार्टियों का प्रभाव लगभग खत्म हो गया है.

  • admin

    Related Posts

    अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

    कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

    ‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

    गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति