अनुराग ठाकुर ने दिल्ली की जनता का आभार जताते हुए कहा-राजधानी को आपदा से मुक्ति मिली

नई दिल्ली
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने दिल्ली की जनता का आभार जताते हुए कहा कि राजधानी को आपदा से मुक्ति मिल चुकी है। अब देश में मोदी और दिल्ली में भी मोदी। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शुरुआती रुझानों में पूर्ण बहुमत हासिल किया है, वहीं आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हार मिली है। मनीष सिसोदिया भी जंगपुरा सीट से चुनाव हार चुके हैं। कुल मिलाकर यह रुझान भाजपा के लिए बहुत उत्साहित करने वाले हैं और पार्टी 27 साल बाद राजधानी में सरकार बनाने की ओर अग्रसर है।

इस पर महाकुंभ में मौजूद अनुराग ठाकुर ने कहा, "दिल्ली की जनता का आभार जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी को शानदार जीत दी है। आम आदमी पार्टी के पाप का घड़ा भर चुका था। दिल्ली विकास के लिए तरस और तड़प रही थी। केजरीवाल और उनकी टीम ने जो वादाखिलाफी की थी, वह एक तरह से लगता था कि अलीबाबा और चालीस चोर दिल्ली को लूटने के लिए कूद पड़े हैं। 11 सालों तक लगातार दिल्ली में केवल लूट और भ्रष्टाचार की खुली छूट थी। दिल्ली में लोग तंग आ चुके थे और हर जगह त्राहि-त्राहि थी। इसलिए जहां एक ओर मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और बड़े-बड़े आप नेताओं की इस चुनाव में जो दुर्दशा हुई है, वह दिखाता है कि आम आदमी पार्टी से लोग कितने तंग थे। ये 'आप-दा' नाम बिल्कुल सही था। जैसे दुनिया के सामने कोविड-19 एक आपदा था, ऐसे ही दिल्ली के लिए केजरीवाल आपदा थे।"

कांग्रेस ने इस चुनाव में आम आदमी पार्टी को मदद की थी। इस सवाल पर अनुराग ठाकुर ने कहा, "ये दोनों मिलकर ही चुनाव लड़ रहे थे। चाहे लोकसभा का चुनाव हो या विधानसभा का चुनाव, आप और कांग्रेस एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। दोनों भ्रष्टाचारी हैं। राहुल गांधी और केजरीवाल में सांठगांठ थी और ये कोशिश कर रहे थे कि सत्ता विरोधी वोट कांग्रेस के पाले में चला जाए। लेकिन जनता समझदार थी और उसने सही निर्णय लेते हुए स्पष्ट बहुमत देते हुए भाजपा को आगे बढ़ाया है। दिल्ली की जनता का आभार।"

अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का हमें जो नेतृत्व मिला है, उसको देखते हुए दिल्ली की जनता ने माना है कि अब बहाने बनाने वाले नहीं चाहिए। अब आरोप लगाने वाले नहीं चाहिए। अब देश में मोदी और दिल्ली में भी मोदी। अब दिल्ली को विकास की राह पर ले जाना है और बहाने लगाने वालों को बाहर का रास्ता दिखाना है।

शीश महल का क्या करेंगे? इस सवाल पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार इस पर फैसला लेगी। क्या 'आप' के जीते हुए विधायक भाजपा से संपर्क कर रहे हैं? इस सवाल पर अनुराग ठाकुर ने कहा, "मुझे इस विषय में जानकारी नहीं है। मैं आपके सामने महाकुंभ में आया हूं और खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि इस पवित्र स्थान पर होने का मुझे उस दिन अवसर मिला जिस दिन एक ऐसा नतीजा देश के सामने आया जब देश की राजधानी खुद को आपदा मुक्त करना चाहती थी। ऐसे नतीजे यहां कुंभ की धरती पर सुनने के लिए मिल रहे हैं। इससे बड़ा सौभाग्य का पल और क्या हो सकता है।"

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति