सैटेलाइट नेटवर्क से ग्रामीण इलाकों में पहुंचा इंटरनेट

नई दिल्ली

एलन मस्क हो या जियो… अभी सभी कंपनियों का पूरा फोकस सैटेलाइट नेटवर्क पर है। दरअसल इस नेटवर्क की मदद से सभी कंपनियों की यूजर्स तक पकड़ काफी आसान होने वाला है। लेकिन अभी बहुत सारे लोगों के मन में सवाल है कि आखिर सैटेलाइट नेटवर्क या सैटेलाइट इंटरनेट क्या चीज है और ये कैसे काम करता है। ऐसे बहुत सारे मौके साबित हुए हैं जब इस तकनीक ने लोगों की काफी मदद की है। आज हम आपको इसके बारे में जानकारी देने जा रहे हैं तो चलिये आपको भी इसके बारे में बताते हैं-

सैटेलाइट नेटवर्क
सैटेलाइट नेटवर्क की जगह पहले हम अभी उपलब्ध नेटवर्क की बात करते हैं। इंटरनेट की बात करें तो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को इंटरनेट सिग्नल Fiber की मदद से मिलता है और ये डेटा सर्वर से आता है। इस सिग्नल को सेंट्रल स्टेशन पर भेजा जाता है और फिर इसे मॉडम या सब्सक्राइबर्स को वितरित किया जाता है। अब इसमें क्या होगा कि बीच में सैटेलाइट की एंट्री होगी और इंटरनेट सिग्नल सैटेलाइट की मदद से वितरित किया जाएगा। पृथ्वी से सिग्नल सैटेलाइट को दिया जाएगा और फिर इसे अलग-अलग राउटर पर ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

ग्राउंड स्टेशन की मदद से नेटवर्क को सैटेलाइट को भेज दिया जाएगा और ये हर किसी को नेटवर्क ट्रांसफर करेगा। सैटेलाइट की मदद से नेटवर्क वितरित करने का सबसे बड़ा फायदा होगा कि ये ग्रामीण इलाकों में भेजा जाएगा। यही इसका सबसे बड़ा फायदा होता है। साथ ही नेटवर्क की पहुंच भी ज्यादा हो जाती है। सैटेलाइट नेटवर्क हर लिहाज से पॉजिटिव साउंड करता है। एलन मस्क की तरफ से भी इस पर तेजी से काम किया जा रहा है। वोडाफोन-आइडिया की तरफ से हाल ही में सैटेलाइट नेटवर्क की मदद से कॉलिंग भी की गई है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत में भी बहुत जल्द इस नेटवर्क की शुरुआत हो सकती है।

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