दतिया में स्थित प्रसिद्ध पीतांबरा शक्ति पीठ मंदर का मुख्य द्वार बंद, उत्तर गेट से मिलेगा प्रवेश

दतिया

 मध्यप्रदेश के दतिया में स्थित प्रसिद्ध पीतांबरा शक्ति पीठ मंदर का मुख्य द्वार बंद हो गया है। अब श्रद्धालुओं को मंदिर के उत्तर गेट से प्रवेश मिलेगा। यह व्यवस्था आगामी दिनों तक लागू रहेगी। मंदिर ट्रस्ट ने यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए की है।

दरअसल मुख्य द्वार को सौंदर्यीकरण के चलते बंद किया गया है। पीतांबरा पीठ के मुख्य द्वार व मुख्य द्वार से सटे रेलवे काउंटर को भी शिफ्ट किया जाना है। सौंदर्यीकरण के लिए मुख्य द्वार को 9 फरवरी से अनिश्चितकाल के लिए बंद किया जा रहा है साथ ही प्रसाद भंडार व पुलिस चौकी को भी शिफ्ट किया जाएगा। उज्जैन की तर्ज पर रहा भी पीतांबरा लोक बन रहा है। श्रद्धालुओं को परेशानी ना हो इसके लिए पीतांबरा पीठ मंदिर प्रबंधन द्वारा मुख्य द्वार पर सूचना बोर्ड भी लगा दिया गया है। सौंदर्यीकरण के दौरान मुख्य द्वार के अंदर मंदिर परिसर में लगे टीन सेट को भी हटाया जाएगा।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति