विदिशा में शादी की खुशियां मातम में बदली, डांस करते समय युवती की मौत

विदिशा

 मध्यप्रदेश के विदिशा में शादी कार्यक्रम में एक युवती डांस करते करते स्टेज पर ही गिर गई फिर नहीं उठ सकी। उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। युवती की मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल गई।

दरअसल घटना विदिशा मगधम रिसॉर्ट की है, जहां शादी कार्यक्रम के दौरान डांस करते करते युवती अचानक से गिर गई। इसके बाद वह उठ ही नहीं सकी। जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। युवती का नाम परिणीता जैन और इंदौर की रहने वाली हैं। विदिशा में अपनी कजन सिस्टर की शादी समारोह में शामिल होने आई थी। स्टेज पर डेढ़ मिनट तक डांस की और फिर गिर गई। आशंका जताई जा रही है साइलेंट अटैक से उसकी मौत हो गई होगी। मौत की असली वजह पीएम रिपोर्ट में पता चलेगी। युवती की मौत के खबर परिजनों को लगी तो शादी की खुशियां मातम में बदल गई।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति