मुंबई के कपल ने महकुंभ जाने के लिए फ्लाइट को किया रिजेक्ट, 5 लाख की बाइक से पहुंचा प्रयागराज

प्रयागराज
महाकुंभ 2025 अपनी भव्यता, दिव्यता और आध्यात्मिकता के कारण दुनियाभर में चर्चा का केंद्र बन चुका है। इस महाकुंभ में लाखों लोग अपनी आस्था और विश्वास के साथ पहुंचे हैं। मुंबई के एक कपल ने इस आस्था का अद्भुत उदाहरण पेश किया। उन्होंने 5 लाख की बाइक से लगभग 1200 किलोमीटर की यात्रा करके प्रयागराज के संगम तक पहुंचने का निर्णय लिया।

राजेश और साधना मेहता का रोमांचक सफर
महाराष्ट्र के भायंदर से अपने सफर की शुरुआत करने वाले राजेश मेहता और उनकी पत्नी साधना मेहता ने 3 दिन में करीब 1200 किलोमीटर की दूरी तय की। उनका मार्ग झांसी, चित्रकूट होते हुए प्रयागराज तक था। इस यात्रा के दौरान, उन्हें उत्तर प्रदेश को करीब से देखने का भी मौका मिला और उनका सफर बहुत ही रोमांचक रहा।

फ्लाइट और ट्रेन के किराए में भारी अंतर
राजेश मेहता ने बताया कि उन्होंने महाकुंभ में जाने के लिए ट्रेन और फ्लाइट दोनों के टिकट चेक किए थे, लेकिन इन दोनों ही विकल्पों में टिकट फुल थे और किराया 20,000 से 30,000 रुपए तक था। इस कारण उन्होंने बाइक से यात्रा करने का निर्णय लिया।

महाकुंभ की भव्यता और प्रमुख दर्शनीय स्थल
साधना मेहता ने महाकुंभ की भव्यता का अनुभव किया और बताया कि वे प्रयागराज में लगभग 24 घंटे रुकीं। इस दौरान, उन्होंने त्रिवेणी घाट, अखाड़े और रुद्राक्ष मंदिर जैसे प्रमुख स्थानों के दर्शन किए। उन्होंने यह भी कहा कि महाकुंभ एक अद्भुत अनुभव था और वे इस आस्था और आध्यात्मिकता से अभिभूत थीं।

प्रयागराज के स्थानीय लोगों का प्यार
साधना मेहता ने बताया कि वे एक स्थानीय व्यक्ति से मिलीं, जिन्होंने उनका बहुत सम्मान किया, हालांकि उनकी उनसे कोई पहचान नहीं थी। उन्होंने प्रयागराज और उत्तर प्रदेश के सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों का प्यार और स्वागत अद्वितीय था।

यूपी के बाइक सवारों के लिए सलाह
राजेश मेहता ने उत्तर प्रदेश में बाइक चलाने वालों को एक महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि यहां के लोग ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें, खासकर हेलमेट पहनने की आदत डालें। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार चार पहिया वाहन वाले लोग बाइक सवारों के सामने आकर कट मार देते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ता है। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना न सिर्फ समय बचाता है, बल्कि जीवन को भी सुरक्षित रखता है।

सीएम योगी को धन्यवाद
राजेश मेहता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ की व्यवस्था बहुत ही उत्तम रही, और इससे उन्हें यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हुई। इस अद्वितीय यात्रा से यह साबित होता है कि आस्था और श्रद्धा किसी भी मुश्किल को पार करने की ताकत रखती है, और हर किसी को अपने सफर पर निकलने का साहस होना चाहिए।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति