महाशिवरात्रि के दिन इन आसान उपायों से मिलेगी पितृ दोष से मुक्ति

ज्योतिष के अनुसार, व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष लगने पर उसे कई तरह की परेशानियां और कष्ट झेलनी पड़ सकते हैं. ऐसा माना जाता है कि पितरों के नाराज होने पर पितृ दोष लगता है. इसके अलावा, पितृ दोष लगने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं. धार्मिक मान्यता है कि पितृ दोष को करने के लिए भगवान शिव की पूजा करना चाहिए.

महाशिवरात्रि का पर्व पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए एक अच्छा अवसर है. इस साल महाशिवरात्रि 26 फरवरी को मनाई जाएगी. ऐसे में चलिए जानते हैं कि पितृ दोष लगने पर व्यक्ति को कौन-कौन सा परेशानियां झेलना पड़ती हैं और इनसे बचाव के लिए महाशिवरात्रि के दिन क्या उपाय करने चाहिए.

पितृ दोष से होती हैं ये समस्याएं

    पितृ दोष होने पर व्यक्ति को संतान की प्राप्ति में बाधा आती है.
    पितृ दोष होने पर परिवार में लड़ाई-झगड़ा बढ़ने लगते हैं.
    पितृ दोष होने पर घर में कोई-न-कोई हमेशा बीमार रहता है.
    पितृ दोष होने पर कारोबार में घाटा होने लगता है और आर्थिक परेशानी होती है.
    पितृ दोष होने पर व्यक्ति के विवाह में देरी होती है.
    पितृ दोष होने पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है.

करें यह आसान उपाय

पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए सही विधि से तर्पण, श्राद्ध और दान जैसे कर्म करने चाहिए. ऐसा करने से पितरों की कृपा दृष्टि भी के ऊपर बनी रहती है. साथ ही, इस दिन जल में काले तिल मिलाकर दक्षिण दिशा में अर्घ्य देना चाहिए, पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं और सात बार परिक्रमा करें. ऐसा करने से करने से आपको पितृ दोष से छुटकारा मिल सकता है.

इन मंत्रों का करें जाप

    ॐ श्री पितराय नमः
    ॐ श्री पितृदेवाय नमः
    ॐ श्री पितृभ्यः नमः
    ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः
    ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः पितृगणाय च नमः
    ॐ श्राध्दाय स्वधा नमः
    ॐ नमः शिवाय
    ॐ श्रीं सर्व पितृ दोष निवारणाय क्लेशं हं हं सुख शांतिम् देहि फट् स्वाहा
    ॐ पितृदेवताभ्यो नमः
    ॐ पितृ गणाय विद्महे जगत धारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्

इस चीज का करें दान

महाशिवरात्रि के दिन काले तिल का दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा प्राप्त होती है. ऐसा कहा जाता है कि इस दिन शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाने करने से पितृदोष से राहत मिलती है. इसके अलावा, महाशिवरात्रि के दिन काले तिल का दान करने से शनि दोष से भी छुटकारा मिलता है, क्योंकि भगवान शिव शनिदेव के गुरु माने गए हैं.

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