जन-प्रतिनिधियों, समाज सेवियों और आमजन से सहभागिता की अपील की : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

  • 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिक अभियान का अवश्य लें लाभ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
  • जन-प्रतिनिधियों, समाज सेवियों और आमजन से सहभागिता की अपील की : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
  • 20 फ़रवरी से 31 मार्च तक संचालित है ‘निरोगी काया अभियान’: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
  • डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और फैटी लिवर जैसी असंक्रामक बीमारियों (एनसीडी) की हो रही है निःशुल्क जांच

भोपाल

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में 20 फरवरी से 31 मार्च 2025 तक ‘निरोगी काया अभियान’ संचालित किया जा रहा है। इस महाभियान के तहत प्रदेश में 12 हज़ार से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों, जन आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिकों में 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की मधुमेह (डायबिटीज), रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) और फैटी लिवर जैसी प्रमुख असंक्रामक बीमारियों (एनसीडी) की निःशुल्क जांच की जा रही है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आमजनों, जन-प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रशासन से इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने आसपास के नागरिकों को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रेरित करें, अभियान की मॉनिटरिंग करें और जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचाने में सहायता करें। उन्होंने सभी नागरिकों से अनुरोध किया कि वे अपने नजदीकी जन आरोग्य मंदिर, संजीवनी क्लिनिक या स्वास्थ्य केंद्र पर पहुँचकर अपनी निःशुल्क जांच अवश्य करवाएँ। स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएँ रविवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन उपलब्ध हैं। अतः सभी नागरिकों से अनुरोध है कि अपना और अपने परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएँ और गंभीर बीमारियों से बचाव करें।

समय पर जांच से रोगों के जटिल होने से पूर्व ही सहजता से होता है पूर्ण उपचार

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को असंक्रामक बीमारियों की रोकथाम और समय पर पहचान के प्रति जागरूक करना है। अक्सर यह देखा गया है कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप और फैटी लिवर जैसी बीमारियाँ आरंभिक अवस्था में लक्षणहीन होती हैं, जिससे लोग इन्हें पहचान नहीं पाते और समय पर इलाज नहीं हो पाता। यह समस्या खासकर ग्रामीण और सुदूर इलाकों में अधिक देखने को मिलती है। ऐसे में जब बीमारी बढ़ जाती है, तो मरीजों को गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का सामना करना पड़ता है। इस अभियान के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रदेश के हर व्यक्ति तक आवश्यक स्वास्थ्य जांच और उपचार सेवाएँ पहुंचें।

अब तक 8 लाख नागरिकों की हो चुकी है निःशुल्क जांच

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि निरोगी काया अभियान के तहत अब तक 6 लाख लोगों की मधुमेह और रक्तचाप की जांच पूरी की जा चुकी है, जबकि 2 लाख लोगों की फैटी लिवर की जांच हो चुकी है। यह आँकड़े इस अभियान की सफलता को दर्शाते हैं और इस बात को प्रमाणित करते हैं कि नागरिकों में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति