अधिकारी संवेदनशील होकर करें काम, आमजन को दें राहत : मुख्य सचिव

जयपुर,

अधिकारी संवेदनशील होकर काम करें और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक केन्द्र व राज्य की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाएं एवं उन्हें राहत प्रदान करें। यह बात मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने मंगलवार को अजमेर में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने कानून एवं शांति व्यवस्था, सुशासन, राज्य बजट घोषणा, राजस्व एवं विभिन्न विभागों से संबंधित योजनाओं एवं कामकाज की समीक्षा की। संभागीय आयुक्त श्री महेश चन्द्र शर्मा एवं पुलिस महानिरीक्षक श्री ओम प्रकाश ने संभाग की प्रगति से अवगत कराया।

बैठक में मुख्य ​सचिव ने निर्देश दिए कि विकास योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि अधिकतम लाभ आमजन तक पहुंच सके। मुख्य सचिव ने आगामी अध्यापक पात्रता परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की तथा सुचारू एवं निष्पक्ष सम्पादन के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की गई। साथ ही नकल एवं त्रुटि रहित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा हुई।

मुख्य सचिव श्री पंत ने लंबित भूमि रूपांतरण और नामांतरण मामलों का जिला कलक्टर एवं एसडीएम स्तर पर विश्लेषण किया। ये मुद्दे आम आदमी से जुड़े हुए हैं इसलिए इनका निस्तारण प्राथमिकता से करें। समय-समय पर कुछ प्रकरणों की जांच भी उच्च स्तर से होनी चाहिए। ई-गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधार पर चर्चा की। फाइल निस्तारण में औसत समय और पेंडेंसी का आकलन कर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। समस्त पत्रावलियां ई-फाईलिंग सिस्टम से ही सम्पादित होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राजकीय भूमि को निजी खातेदारी घोषित करने के फैसलों की अपील सक्षम न्यायालय में की जानी चाहिए। इसके लिए पूर्व में किए गए निर्णयों की जांच करें। युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए लगातार कार्यवाही की जाए। इस सम्बन्ध में की गई कार्यवाही की समीक्षा प्रतिमाह जिला स्तर पर होनी चाहिए। आबकारी विभाग, पुलिस विभाग एवं अन्य विभाग मिलकर यह कार्य करें। अवैध खनन को रोकने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, वन, खनन एवं परिवहन विभाग मिलकर कार्य करें। संगठित अवैध खनन को रोकना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। नागौर में अवैध खनन रोकने के लिए आरएसी पुनः तैनात करने की कार्यवाही करेंं।

श्री पंत ने कहा कि महिलाओं के विरूद्ध अपराधों को रोकना आवश्यक है। अपराधों को होने से पहले रोकना बडी सफलता होती है। समाज में जागरूकता एवं प्रशासन मेें संवेदनशीलता से यह कार्य किया जा सकता है। राजमार्गों पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए क्षेत्रवार डाटा का विश्लेषण कर योजनाएं बनाए। अन्य स्थानों पर किए गए नवाचारों को स्थानीय आवश्यकता के अनुसार उपयोग लें। हाल ही में लागू किए गए नए तीन आपराधिक कानूनों में नियमानुसार एफएसएल जांच एवं ई-सम्मन शत—प्रतिशत करावें। गृह विभाग के द्वारा जारी आदेश तथा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का सभी प्रशिक्षण प्राप्त करें। इन कानूनों से जुड़ी मोबाइल एप का भी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। नोटिस की ई-तामिली कराने के लिए सम्बन्धित थाने के लेण्डलाइन से फोन भी जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आईजीगोट मिशन कर्मयोगी के तहत प्रशिक्षण की प्रगति बढ़ाने के लिए निर्देश दिए गए। क्षेत्र में कानून एवं शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमानुसार कार्यवाही की जानी चाहिए। क्षेत्र की घटनाओं पर लगातार नजर रखें। बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए जल जीवन मिशन की प्रगति तथा पीएचईडी कार्यों के लिए लंबित विद्युत कनेक्शन एवं भूमि आवंटन मामलों की स्थिति की जानकारी ली। लंबित भूमि अवाप्ति मामलों की समीक्षा कर त्वरित कार्यवाही करने को निर्देशित किया। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति को बढ़ाने एवं सौर ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ाने के निर्देश दिए। यह फ्लेगशिप योजना सरकार की प्राथमिकता है। कृषि एवं राजस्व से जुड़े मुद्दों पर संभाग की जिलेवार समीक्षा की। इसमें कृषि बिजली कनेक्शन और विद्युत आपूर्ति की स्थिति एवं कृषि इनपुट जैसे बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को निर्देश दिए। समर्थन मूल्य पर खरीद की मोनिटरिंग कर किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करें।

उन्होंने बजट 2025-26 में घोषित परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन की स्थिति पर चर्चा कर घोषणाओं को धरातल पर उतारने एवं शीघ्र क्रियान्विति के निर्देश दिए। स्वास्थ्य एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों को समय पर देने के निर्देश दिए। इसमें आयुष्मान कार्ड, टीबी मुक्त भारत एवं आयुष्मान वय वंदना योजना की प्रगति की समीक्षा सहित प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन की स्थिति की जानकारी ली। भारत को 2025 तक टीबी मुक्त करने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करें।

उन्होंने राजस्व अर्जन से जुड़े वाणिज्य कर, आबकारी, पंजीयन, स्टांप, खनन एवं परिवहन से संबंधित राजस्व संग्रहण की समीक्षा भी की। पुरानी बकाया वसूली के प्रकरणों पर विशेष ध्यान दें। संपर्क पोर्टल और सीपीग्राम्स पर दर्ज शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। संभाग में 90 दिन से पूराने प्रकरणों को शून्य करने का प्रयास करें।  

इस अवसर पर अजमेर संभाग के जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु, श्री अरूण कुमार पुरोहित, श्री जसमीत सिंह सन्धु, डॉ. सौम्या झा, श्री महेन्द्र सिंह खड़गावत, श्री पुखराज, अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त श्रीमती नित्या के. सहित अजमेर संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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