मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- 1 लाख करोड़ रूपये के ऐतिहासिक एमओयू से प्रगति का मार्ग होगा प्रशस्त

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश तेजी से एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। राज्य के प्रत्येक कोने को आपस में जोड़ने और आर्थिक विकास को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए आधुनिक सड़क अवसंरचना तैयार है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट भोपाल के पहले ही दिन, हमारी सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ 1 लाख करोड़ रूपये के ऐतिहासिक समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ये एमओयू राज्य में 4010 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं के निर्माण और विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगे। इससे मध्यप्रदेश भविष्य में न केवल देश का, बल्कि दक्षिण एशिया का एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये समझौते केवल सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और बेहतर जीवनशैली के लिए आधार स्तंभ साबित होंगे। उन्होंने कहा कि जब कोई राज्य मजबूत सड़क नेटवर्क से जुड़ता है, तो वहां व्यापार, निवेश और उद्योगों की वृद्धि भी स्वाभाविक रूप से होती है। हमारा लक्ष्य मध्यप्रदेश को भारत का सबसे विकसित और आधुनिक राज्य बनाना है, और यह समझौता उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आधुनिक सड़क परियोजनाएं जो मध्यप्रदेश के भविष्य को आकार देंगी
जीआईएस-भोपाल में हुए इन ऐतिहासिक एमओयू से कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का विकास होगा। जीआईएस-भोपाल में सड़क अवसंरचनाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये एमओयू पर हस्ताक्षर हुए है। इनमें इंदौर-भोपाल ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर, भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर, प्रयागराज-जबलपुर-नागपुर कॉरिडोर, लखनादौन-रायपुर एक्सप्रेसवे, आगरा-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग, उज्जैन-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग, इंदौर रिंग रोड (पश्चिमी और पूर्वी बायपास), जबलपुर-दमोह राष्ट्रीय राजमार्ग, सतना-चित्रकूट राष्ट्रीय राजमार्ग, रीवा-सिद्धी राष्ट्रीय राजमार्ग और ग्वालियर शहर के पश्चिमी छोर पर 4-लेन बायपास शामिल है। नवीन सड़क परियोजनाएं न केवल मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों से जोड़ेंगी, बल्कि राज्य के प्रमुख शहरों को भी आपस में बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी। इससे यात्रा का समय घटेगा, लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन की लागत कम होगी, तथा कृषि, उद्योग, पर्यटन और व्यापार क्षेत्रों को नए अवसर मिलेंगे।

राज्य के आर्थिक विकास में योगदान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोई भी राज्य तभी प्रगति करता है जब वहाँ सशक्त बुनियादी ढांचा, कुशल परिवहन प्रणाली और मजबूत आर्थिक मॉडल उपलब्ध होते हैं। इन समझौतों से मध्यप्रदेश को एक नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब सड़कें बेहतर होंगी, तो उद्योगों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने में आसानी होगी। इससे मध्यप्रदेश में नए उद्योग स्थापित होंगे और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। किसान अपने उत्पादों को तेजी से मंडियों और शहरों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। राज्य की पर्यटन स्थलों तक पहुँचने में सुगमता आएगी। इससे पर्यटन उद्योग को भी नया जीवन मिलेगा। इस परियोजना के तहत हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। सड़क निर्माण के दौरान इंजीनियर, श्रमिक, तकनीकी विशेषज्ञ और स्थानीय उद्यमी इससे लाभान्वित होंगे। नई सड़क परियोजनाओं से लॉजिस्टिक्स, होटल, रेस्तरां और अन्य व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा।

टाइम बाउंड प्रोजेक्ट: समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार तेज़ी से परियोजनाओं को लागू करने और समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन सभी परियोजनाओं को विश्व स्तरीय तकनीक, टिकाऊ निर्माण प्रक्रियाओं और उच्च गुणवत्ता वाले मानकों के साथ विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित विभागों को हर आवश्यक सहायता प्रदान कर ये परियोजनाएँ तय समय सीमा के भीतर पूरी हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत भी कई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गति और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

प्रधानमंत्री श्री मोदी के “विकसित भारत” मिशन का म.प्र प्रमुख केन्द्र
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेज़ी से वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर लीडर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश इस योजना का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का सपना भारत को एक $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का है। जीआईएस-भोपाल में हुए एमओयू उसी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण पहल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद, मध्यप्रदेश देश की सबसे आधुनिक और कुशल परिवहन प्रणाली वाले राज्यों में शामिल हो जाएगा।

भविष्य की दृष्टि: आत्म-निर्भर और विकसित मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश में इन ऐतिहासिक समझौते (एमओयू) के साथ एक नए युग की शुरुआत हो रही है। ये परियोजनाएँ राज्य के प्रत्येक नागरिक को एक उज्जवल भविष्य देने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कितेज़, सुरक्षित और विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क, बेहतर लॉजिस्टिक्स और व्यापार के अवसर, उद्योगों के लिए आसान परिवहन और निर्यात के नए मार्ग, सड़क निर्माण से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर और हर नागरिक के लिए सुगम और सुविधाजनक यात्रा के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है।
 

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