सीएम ने अपने 14 महीने के कार्यकाल में तीन महीने औद्योगिक निवेश का माहौल बनाने में लगाए

इंदौर

मध्य प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की अपेक्षा से बेहतर उपलब्धि ने मध्य प्रदेश की आंखों में नया सपना बसा दिया है, औद्योगिक निवेश में देश का नंबर एक प्रदेश बनने का सपना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कहते हैं कि हर दृष्टि से अनुकूल वातावरण पाकर उद्योग जगत मध्य प्रदेश पर मोहित है।

आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश अपनी निवेश संबंधी नीतियों और उपलब्धियों से बाकी प्रदेशों को रोशनी देगा। अब मध्य प्रदेश कई अन्य सेक्टरों की तरह औद्योगिक निवेश में भी देश का नंबर एक प्रदेश बनकर ही चैन लेगा।

26 लाख करोड़ रुपसे से ज्यादा का निवेश प्रस्ताव

उल्लेखनीय है कि 24 और 25 फरवरी को भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देश-विदेश के निवेशकों ने मध्य प्रदेश सरकार की नीतियों पर भरोसा जताते हुए 26 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश के प्रस्ताव रखे हैं। इससे पहले आयोजित कई क्षेत्रीय औद्योगिक सम्मेलनों के प्रस्ताव जोड़कर यह आंकड़ा 30 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है।

औद्योगिक निवेश का अच्छा माहौल बनाया

मुख्यमंत्री स्वाभाविक रूप से इस उपलब्धि पर उल्लसित हैं यद्यपि इसके लिए उन्होंने अथक प्रयास किए। डॉ.मोहन यादव बताते हैं कि मुख्यमंत्री की भूमिका में अपने अब तक करीब 14 महीने के कार्यकाल में करीब तीन महीने की अवधि उन्होंने औद्योगिक निवेश का अच्छा माहौल बनाने में समर्पित की।

राज्य सरकार ने निवेशकों को सुविधाजनक माहौल देने के लिए अपने संबंधित विभागों की 19 नीतियां बदल दीं। खुद मुख्यमंत्री अपनी टीम के साथ विदेश, देश और मध्य प्रदेश के निवेशकों से मिले और उन्हें अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

दूसरे राज्यों में कम निवेश प्रस्ताव आए

डॉ. यादव गर्व के साथ कहते हैं कि पिछले दिनों गैर भाजपा शासित राज्यों बंगाल और कर्नाटक में भी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गईं, यद्यपि इन राज्यों में मध्य प्रदेश के क्षेत्रीय औद्योगिक सम्मेलनों से भी कम निवेश प्रस्ताव आए।

मुख्यमंत्री इस आशंका को आधारहीन ठहराते हैं कि पिछले कई अनुभवों की तरह निवेशक अपनी प्रतिबद्धता से मुकर जाएंगे। वह दावा करते हैं कि प्रदेश सरकार निवेशकों से कुछ भी नहीं छिपा रही। सरकार की कार्यशैली पूरी तरह पारदर्शी है। इस वजह से उद्योग जगत की नजर में सरकार की विश्वसनीयता बढ़ी है।

सरकार निवेश को लेकर गंभीर

निवेशक सभी पहलुओं पर सोच-समझकर प्रस्ताव दे रहे हैं, इसलिए उनके पीछे हटने का सवाल नहीं पैदा होता। उनका कहना है कि राज्य सरकार निवेश को लेकर बेहद गंभीर है और अपनी जवाबदेही समझती है।

सरकार निवेशकों को लाभदायी और उत्साहवर्धक माहौल उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री इस अभियान के भविष्य को लेकर अत्यधिक आशावान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहते हैं कि मध्य प्रदेश निवेश की दृष्टि से अनंत संभावनाओं वाला प्रदेश है।

अब तक सिर्फ गिने-चुने सेक्टरों में ही निवेश प्रस्ताव आए हैं जबकि इस दृष्टि से तमाम संभावनापूर्ण सेक्टर अब तक अछूते हैं। प्रदेश सरकार की टीम ऐसे सेक्टरों की स्थिति पर रिसर्च कर रही है।

सरकार भविष्य में उद्योग जगत के सामने सभी संभावनाओं का विवरण रखेगी। वह बताते हैं कि निवेशकों के साथ संवाद अब लगातार जारी रहेगा। इस क्रम में अगले महीने इंदौर में इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने की तैयारी चल रही है।

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