राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों की रक्षा के लिए सात चीनी विश्वविद्यालयों पर लगाया प्रतिबंध, ताइपे का बड़ा एक्शन

ताइपे
ताइवान ने सात विश्वविद्यालयों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन यूनिवर्सिटी को देश की सुरक्षा के लिए खतरा माना गया और इन्हें 'चीन की राष्ट्रीय रक्षा के सात पुत्र' कहा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान के शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि इन विश्वविद्यालयों की स्थापना चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने की थी, जिसके बाद इन्हें चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को सौंप दिया गया।

ताइवान के शिक्षा मंत्री चेंग यिंग-याओ ने कहा, "राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों की रक्षा के लिए ताइवानी विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों को इन सात चीनी यूनिवर्सिटी के साथ किसी भी शैक्षणिक गतिविधि या आदान-प्रदान में शामिल होने से प्रतिबंधित किया गया है।" ताइवानी मंत्री ने आगे कहा कि यह प्रतिबंध इसलिए लगाया गया है, क्योंकि ऐसे आदान-प्रदान से "अनजाने में कई महत्वपूर्ण ताइवानी तकनीकों की चोरी हो सकती है।"

यिंग-याओ ने आगे कहा कि ये विश्वविद्यालय प्रमुख रूप से चीनी हथियार, उपकरण, विमानन, दूरसंचार, रसायन और भौतिक विज्ञान के विकास में योगदान देते रहे है।
फरवरी में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति विलियम लाइ ने कहा था कि देश में लोकतंत्र और शैक्षणिक स्वतंत्रता बहुत महत्वपूर्ण हैं। विश्वविद्यालयों को चीन के साथ आदान-प्रदान करते समय सतर्क रहना चाहिए। इससे पहले, ताइवान ने दो चीनी विश्वविद्यालयों को देश में शैक्षणिक आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित करने से रोक दिया था, क्योंकि खबरें आई थीं कि ये संस्थान बीजिंग के यूनाइटेड फ्रंट वर्क डिपार्टमेंट की शाखाएं हैं।

चीन का बढ़ता प्रभाव ताइवान के लिए सुरक्षा चिंता का विषय रहा है। ताइवान ने आरोप लगाया कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी अपनी 'संयुक्त मोर्चा' रणनीति का इस्तेमाल खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और देश के भीतर सार्वजनिक निर्णयों को प्रभावित करने के लिए करती है। रिपोर्ट के अनुसार, 2020 से बीजिंग ने ताइवान के लोगों को चीन की ओर आकर्षित करने के लिए शिक्षा नीतियों का इस्तेमाल किया है, जिसमें एक नई ऑनलाइन प्रवेश प्रणाली भी शामिल है। चीन ताइवान को अपनी मुख्य भूमि का हिस्सा मानता है और एक अलग प्रांत के रूप में देखता है जिसे अंतत: देश का हिस्सा बनना है। इस मकसद को पाने के लिए बीजिंग शक्ति के इस्तेमाल की संभावना से इनकार नहीं करता है।

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति