तेलंगाना में सुरंग हादसे को एक सप्ताह बीता, नहीं निकल पाया एक भी मजदूर

तेलंगाना

तेलंगाना में एक सुरंग ढहने के बाद एक हफ्ते से जारी बचाव अभियान के दौरान एक सफलता मिली है। सुरंग में फंसे कुल 7  लोगों में से चार की ‘लोकेशन’ का पता लगा लिया गया है। यह जानकारी राज्य के आबकारी मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव ने शनिवार को दी। हालांकि, उन्होंने कहा कि सुरंग में फंसे लोगों के बचने की उम्मीद बेहद कम है।

कृष्ण राव सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी के साथ बचाव अभियान में शामिल अधिकारियों के साथ बैठक में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘मेरे विचार से रडार के जरिए चार लोगों की लोकेशन का पता लगा लिया गया है।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि रविवार शाम तक लोगों को बाहर निकाल लिया जाएगा।

जिन चार लोगों के बारे में पता चला है, उनकी स्थिति के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले दिन ही कहा था कि फंसे हुए लोगों के बचने की संभावना बहुत कम है। कृष्ण राव ने कहा कि जहां चार लोगों के होने के स्थान की पहचान की गई है, वहां हाथ से गाद निकालने का काम किया जा रहा है जिसके रविवार शाम तक पूरा होने की उम्मीद है।

राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (NGRI) के वैज्ञानिकों ने ‘ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार’ (GPR) का उपयोग किया और इस दौरान उन्हें महत्वपूर्ण सुराग मिला। मंत्री ने कहा कि ऐसा लगता है कि बाकी चार लोग टनल बोरिंग मशीन (TBM) के नीचे फंसे हैं जिनके बारे में पता लगाने में कुछ समय लग सकता है।

उन्होंने कहा कि 450 फुट ऊंची टीबीएम को काटा जा रहा है और इस अभियान में करीब 11 एजेंसियों के कर्मी शामिल हैं। अभियान में देरी को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना का जिक्र करते हुए कृष्ण राव ने कहा कि इस प्रयास में शामिल लोग विशेषज्ञ हैं, लेकिन सुरंग के अंदर कीचड़ सहित अन्य स्थितियों को देखते हुए बचाव कार्य जटिल है।

कृष्ण राव ने कहा कि अभियान जारी है, इसलिए सुरंग में फंसे लोगों के परिवारों को भी उम्मीदें हैं। श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) सुरंग की छत ढहने से उसके नीचे 22 फरवरी से आठ लोग (इंजीनियर और श्रमिक) फंसे हुए हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान जोर-शोर से जारी है।

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