​​प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने फैसला किया कि गाजा पट्टी में सभी सामानों और आपूर्ति का प्रवेश बंद किया

तेल अवीव
इजरायल ने रविवार घोषणा की कि वह गाजा पट्टी में सभी वस्तुओं की आपूर्ति पर रोक लगा रहा है। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से एक बयान जारी कर इस संबंध में जानकारी दी गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया, "बंधक समझौते के पहले चरण की समाप्ति और वार्ता जारी रखने के लिए विटकॉफ प्रस्ताव [जिस पर इजरायल सहमत था] को स्वीकार करने से हमास के इनकार के बाद ​​प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने फैसला किया कि रविवार सुबह से गाजा पट्टी में सभी सामानों और आपूर्ति का प्रवेश बंद हो जाएगा।

इससे पहले इजरायल ने कहा कि वह संघर्ष विराम के पहले चरण को रमजान और पासओवर [यहूदी त्योहार] या 20 अप्रैल तक बढ़ाने के प्रस्ताव का समर्थन करता है। उसने कहा कि यह प्रस्ताव ट्रंप प्रशासन के मध्यपूर्व दूत स्टीव विटकॉफ की ओर से आया है।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय के अनुसार, इस प्रस्ताव के तहत हमास पहले दिन आधे बंधकों को रिहा कर देगा और शेष को तब रिहा करेगा जब स्थायी युद्धविराम पर समझौता हो जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हमास के एक अधिकारी ने कहा कि 'स्थिरता प्राप्त करने' का एकमात्र तरीका युद्ध विराम प्रक्रिया के दूसरे चरण को पूरा करना है, जिसमें इजरायल को गाजा से स्थायी रूप से हटना है और शत्रुता समाप्त करनी है। महमूद मर्दावी ने बताया, "क्षेत्र में स्थिरता प्राप्त करने और कैदियों की वापसी सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका दूसरे चरण से शुरू करके समझौते को पूरी तरह से लागू करना है।"

इजरायल-हमास युद्ध विराम का पहला चरण,शनिवार को समाप्त हो गया। दोनों पक्षों के बीच अभी दूसरे चरण पर बातचीत होनी बाकी है, जिसमें इजरायल का गाजा से पूरी तरह से हटना, स्थायी युद्ध विराम लागू होना और हमास को शेष बंधकों को रिहा करना शामिल है।

हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर बड़ा हमला किया था। हमास के सदस्यों ने करीब 12,00 लोगों को मार दिया और 251 लोगों को बंधक बना लिया। इसके बाद इजरायल ने हमास के नियंत्रण वाली गाजा पट्टी पर हमले शुरू कर दिए। इजरायल के हमले में 48 हजार से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इजरायल के हमलों से गाजा की लगभग दो-तिहाई इमारतें क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गईं।

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