मदरसों में पढ़ाया जाता है चेहरे पर रंग लग जाने से अल्लाह दंड देगा, उन्हें रंगों के त्योहार में नहीं जाना चाहिए: हरिभूषण ठाकुर

मथुरा /पटना

मथुरा के संतों ने होली पर ब्रज में मुस्लिमों की एंट्री बैन करने की मांग का बिहार के भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर ने भी समर्थन किया है। उन्होंने साधु संतों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि निश्चित रूप से जो हमारी संस्कृति को नहीं मानते हैं, उन्हें ऐसे आयोजनों पर जाने से रोका जाना चाहिए। भाजपा के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि जिनके मदरसों में पढ़ाया जाता है कि चेहरे पर रंग लग जाने से अल्लाह दंड देगा, उन्हें रंगों के त्योहार में नहीं जाना चाहिए।

अल्लाह देता है दंड- बीजेपी विधायक
बीजेपी के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि जिनके मदरसों में पढ़ाया जाता है कि चेहरे पर रंग लग जाने से अल्लाह दंड देगा, उन्हें रंगों के त्योहार में नहीं जाना चाहिए. साधु संतों की मांग का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि जब वे हमारे देवी-देवता को नहीं मानते हैं, हमसे बैर रखते हैं, तो ऐसे किसी भी आयोजन में जहां सनातन संस्कृति का उत्सव हो, वहां मुस्लिम बंधुओं को नहीं जाना चाहिए. उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि उनके भी पूर्वज हिन्दू ही थे.

मथुरा में धूमधाम से मनाई जाती है होली
गौरतलब है कि मथुरा में होली धूमधाम से मनाई जाती है. इस बीच मथुरा के संतों ने एक सुर में इस समारोह में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है. मथुरा के संतों का कहना है कि ब्रज की होली देखने देश-दुनिया से लोग मथुरा आते हैं. होली पर ब्रज में मुस्लिमों की एंट्री बैन होनी चाहिए. होली पर मुस्लिमों का क्या काम है? ब्रज में प्रयाग जैसा कानून लागू रहेगा. मुस्लिम होली में नहीं आने चाहिए.

बिहार से भी मथुरा के साधु-संतों का समर्थन

साधु-संतों की मांग का समर्थन करते हुए भाजपा के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने कहा कि जब वे हमारे देवी-देवता को नहीं मानते हैं, हमसे बैर रखते हैं, तो ऐसे किसी भी आयोजन में जहां सनातन संस्कृति का उत्सव हो, वहां मुस्लिम बंधुओं को नहीं जाना चाहिए। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि उनके भी पूर्वज हिन्दू ही थे।
ब्रज की होली में मुस्लिमों की एंट्री पर रोक मामला

मथुरा में होली धूमधाम से मनाई जाती है। इस बीच मथुरा के संतों ने एक सुर में इस समारोह में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। मथुरा के संतों का कहना है कि ब्रज की होली देखने देश-दुनिया से लोग मथुरा आते हैं। होली पर ब्रज में मुस्लिमों की एंट्री बैन होनी चाहिए। होली पर मुस्लिमों का क्या काम है? ब्रज में प्रयाग जैसा कानून लागू रहेगा। मुस्लिम होली में नहीं आने चाहिए।

देश-दुनिया से ब्रज की होली में शामिल होते हैं श्रद्धालु

ब्रज की होली कई दिन पहले शुरू हो जाती है, उमंग और जोश यहां पर एक अलग ही स्तर पर देखने को मिलता है। यहां पर दूर-दूर से लोग होली खेलने के लिए आते हैं। इसकी शुरुआत राधा की जन्मस्थली बरसाना से होती है। बरसाने की लठमार होली भगवान कृष्ण के काल में उनके द्वारा की जाने वाली लीलाओं का एक हिस्सा माना जाता है।

ब्रज में कई दिन पहले से शुरू हो जाती है होली
ब्रज की होली कई दिन पहले शुरू हो जाती है, उमंग औ
र जोश यहां पर एक अलग ही स्तर पर देखने को मिलता है. यहां पर दूर-दूर से लोग होली खेलने के लिए आते हैं. इसकी शुरुआत राधा की जन्मस्थली बरसाना से होती है. बरसाने की लठमार होली भगवान कृष्ण के काल में उनके द्वारा की जाने वाली लीलाओं का एक हिस्सा माना जाता है.

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति