Kuno नेशनल पार्क में वर्तमान में कुल 26 चीते, चीतों की बढ़ती संख्या से पर्यटन को नई गति मिली

श्योपुर

मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में विदेशी और भारतीय चीते अब न केवल जंगल में दौड़ते नजर आ रहे हैं, बल्कि पर्यटकों को भी खुली आंखों से दिखाई दे रहे हैं. वर्तमान में कूनो के खुले जंगल में 12 चीते स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं, जिससे पार्क में आने वाले पर्यटकों को इनका लगातार दीदार हो रहा है. चीतों की मौजूदगी से न सिर्फ पर्यटकों का रोमांच बढ़ रहा है, बल्कि उनकी संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है.

  कूनो की रानी कहलाने वाली मादा चीता ज्वाला और उसके चार शावक पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण बने हुए हैं. बीते शुक्रवार को पार्क में आए पर्यटकों का उत्साह उस समय चरम पर पहुँच गया, जब यह चीता परिवार उनके सामने आ गया. कुछ पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों ने अपने मोबाइल फोन से तस्वीरें और वीडियो कैद किए, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं. इन तस्वीरों में ज्वाला और उसके शावकों की जंगल में चहलकदमी और मस्ती साफ दिखाई दे रही है. यह चीता परिवार अहेरा पर्यटन जोन में घूम रहा है, जो खुले जंगल में रिलीज किए गए 12 चीतों का हिस्सा है.

पर्यटकों का अनुभव
कूनो में चीतों को देखने आए निवेश यादव ने बताया, "हमारा अनुभव बेहद शानदार रहा. कूनो नेशनल पार्क का जंगल बहुत अच्छा है. हमें मादा चीता ज्वाला और उसके चार शावकों को देखने का मौका मिला. निजी सफारी संचालक आदर्श गुप्ता के साथ हमने पाँच चीतों को देखा और उनके फोटो-वीडियो भी बनाए. पिछले दो साल से हम चीतों का दीदार करने को उत्सुक थे, आज हमारा इंतजार पूरा हुआ." पर्यटकों का कहना है कि चीतों को इतने करीब से देखना उनके लिए एक यादगार पल रहा.

कूनो में चीतों की स्थिति
कूनो नेशनल पार्क में वर्तमान में कुल 26 चीते हैं. इनमें से 12 चीते खुले जंगल में स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं और अपना शिकार कर रहे हैं, जबकि शेष 14 चीते अभी बड़े बाड़ों में रखे गए हैं. पार्क के अधिकारियों का कहना है कि चीतों की बढ़ती संख्या और उनकी जंगल में मौजूदगी से पर्यटन को नई गति मिल रही है.

पर्यटन को बढ़ावा
चीतों के आने से कूनो नेशनल पार्क में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है. ज्वाला और उसके शावकों की मौजूदगी ने पार्क को वन्यजीव प्रेमियों के बीच और आकर्षक बना दिया है. यह प्रोजेक्ट न केवल चीतों की संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा दे रहा है.

 

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