बगैर प्रेस किए कपड़े पहनूंगा; बिजली बचाने के लिए प्रदेश के मंत्री का ऐलान

ग्वालियर

अपने अनोखे बयानों और अंदाज के लिए सुर्खियों में रहने वाले मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। वजह है बिजली बचाने और प्रदूषण रोकने के लिए उनकी ओर से लिया गया संकल्प। मंत्रीजी ने प्रण लिया है कि वह एक साल तक बिना प्रेस किए कपड़े पहनेंगे। वहीं, कांग्रेस ने तोमर के इस बयान को नौटंकी वेब सीरीज का अगला भाग बताया है।

मध्य प्रदेश की राजनीति में ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने प्रण लिया है कि वह एक साल तक बिना प्रेस किए कपड़े पहनेंगे। मंत्री जी का कहना है कि इससे हर दिन आधे यूनिट बिजली की बचत होगी। तोमर ने कहा कि वह अपनी बेटी की शादी के दिन भी बिना प्रेस किए ही कपड़े पहनेंगे। उन्होंनेक कहा, 'आने वाली पीढ़ी को पीठ पर सिलेंडर न लादने पड़ जाए, इसलिए यह निर्णय लिया।'

तोमर ने मीडिया से बातचीत में अपने फैसले को समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, 'हम सबको बिजली की बचत करनी चाहिए। जितनी जरूरत हो उतनी ही खपत करे। हम सबको छोटी-छोटी पहल करती रहनी चाहिए। बिजली के साथ-साथ प्रदूषण… एक वर्ष तक के लिए मैंने पहल की है। प्रदूषण (रोकने) के लिए हम सब बराबर प्रयास कर रहे हैं। मैं बिना प्रेस कपड़े इसलिए पहन रहा हूं कि हमारे शहर का प्रदूषण…. संदेश देने का काम है कि हम सब मिलकर काम करें। एक ड्रेस में आधा यूनिट बिजली जलती है, इससे जो प्रदूषण पैदा होता है, सालभर का गुना भाग है, जोड़ेंगे तो वह चार वृक्ष के बराबर है। मैं एक साल तक बिना प्रेस के कपड़े पहनूंगा।'

एक साल तक के लिए की है पहल

हालांकि ऊर्जा मंत्री ने यह फैसला लगभग एक साल के लिए लिया है. उनका कहना है कि अब पूरे एक साल तक बिना प्रेस किए हुए कपड़े पहनेंगे. उनका मानना है कि अगर हम इसी तरह छोटे-छोटे कदम उठाएंगे, तो इसका असर पर्यावरण सुधार में भी दिखाई देगा, क्योंकि ग्वालियर में प्रदूषण का स्तर जिस तरह बढ़ रहा है. ऐसे में छोटे छोटे कदम भी महत्वपूर्ण हैं. इसलिए उन्होंने आमजन से भी इस बात की अपील की है कि वे स्वच्छता के साथ पर्यावरण बचाने के लिए आगे आए साथ ही बिजली बचाने कल ये भी अपने जीवन मैच छोटे छोटे परिवर्तन जरूर करें.

ऊर्जा मंत्री के बयान पर अब सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस अब इसे मंत्री की नौटंकी बता रही है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आरपी सिंह ने कहा कि ऊर्जा मंत्री हमेशा सुर्खियों में रहने के लिए नौटंकी करते हैं और अब यह नौटंकी वेब सीरीज का अगला पार्ट है। अगर मंत्री जी को बिजली बचाने की इतनी चिंता है तो उनके साथ जो 10-10 गाड़ियां चलती है और उसे वायु प्रदूषण होता है उन गाड़ियों को छोड़े और साइकिल से चलना शुरू कर दें।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति