चैंपियंस ट्रॉफी 2025 : भारत-न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर

दुबई

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में आज भारत का सामना न्यूजीलैंड से होगा। दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले के लिए दोनों टीमें तैयार हैं। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि दोनों टीमें अपने-अपने प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं करेगी। हालांकि, मैट हेनरी की फिटनेस पर कोई अपडेट नहीं है। वह सेमीफाइनल मैच के दौरान चोटिल हुए थे और अगर वह नहीं खेलते हैं तो झटका होगा। न्यूजीलैंड के कोच गैरी स्टीड ने उनके फाइनल तक फिट होने की उम्मीद जताई थी। इसके अलावा दोनों टीमों ने इस पूरे टूर्नामेंट में कुछ ज्यादा बदलाव नहीं किए। यही इन दोनों टीमों की मजबूती रही। अपने कोर को इन दोनों टीमों ने बनाए रखा। भारत अब तक टूर्नामेंट में अजेय है, जबकि न्यूजीलैंड को इस टूर्नामेंट में एकमात्र हार टीम इंडिया से ग्रुप स्टेज में मिली थी।

दोनों की गेंदबाजी में एक जैसा दम
भारत ने शुरुआती दो मैचों में हार्दिक पांड्या समेत तीन तेज गेंदबाज खिलाए थे। बांग्लादेश और पाकिस्तान के खिलाफ हर्षित राणा को शामिल किया गया था। हालांकि, कीवियों के खिलाफ ग्रुप मैच में हर्षित की जगह वरुण चक्रवर्ती की एंट्री हुई और भारत चार स्पिनरों के साथ उतरा। यह पैंतरा काम आया और भारत की गेंदबाजी बेहद घातक दिखी है। टीम इंडिया पिछले दो मैचों में इसी रणनीति के साथ उतरा है और फाइनल में भी इसे ही बरकरार रखा जा सकता है। वहीं, न्यूजीलैंड के पास भी बैलेंस्ड प्लेइंग-11 है। उनकी टीम में तीन स्पिनर और तीन तेज गेंदबाज हैं। खास बात तो यह है कि भारत की तरह उनके तीनों स्पिनर भी बल्लेबाजी कर सकते हैं। ऐसे में भारत और न्यूजीलैंड की गेंदबाजी बिल्कुल बराबर है और फाइनल में भी कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। विकेट की बात करें तो भारत और न्यूजीलैंड दोनों की संभावित प्लेइंग-11 के गेंदबाजों ने कुल मिलाकर 33-33 विकेट लिए हैं।

बल्लेबाजी में विराट-रोहित कीवियों पर भारी
हालांकि, बल्लेबाजी में केन विलियम्सन और रचिन रवींद्र को छोड़कर कोई कीवी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका है। लाथम-विल यंग ने शतक जरूर लगाया है, लेकिन कंसिस्टेंट नहीं रहे हैं। वहीं, भारत के पास मौजूदा समय के दुनिया के दो सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाज हैं। विराट कोहली और रोहित शर्मा का अगर बल्ला चलता है तो ये किसी भी टीम के लिए खतरा बन सकते हैं। आंकड़ों की बात करें तो रोहित और विराट के वनडे रन को मिला दें तो 25272 रन बनते हैं। वहीं, पूरे न्यूजीलैंड के स्क्वॉड को मिलाकर भी वनडे में 21963 रन बनते हैं। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि भारतीय टीम की बल्लेबाजी मजबूत है। शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने भी अच्छा योगदान दिया है। वहीं, केएल राहुल ने परिस्थितियों के मुताबिक बेहतरीन खेल दिखाया है और मैच विनर बनकर सामने आए हैं। ऐसे में फाइनल में  हजारों भारतीय दर्शकों के सामने न्यूजीलैंड के लिए भारत से पार पाना आसान नहीं होगा।

 

  • admin

    Related Posts

    AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

    नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

    तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति