छात्राओं ने लगाया आरोप- प्रिंसिपल आनंदम क्लास के बहाने उन्हें लाइब्रेरी या अपने निजी कमरे में बुलाता था

जयपुर
राजस्थान के जयपुर में सांगानेर पॉलिटेक्निक कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल सैयद मशकूल अली पर छात्राओं के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं। छात्राओं ने शिकायत में बताया है कि प्रिंसिपल उन्हें अपने घर बुलाकर शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालता था। इसके साथ ही व्हाट्सएप पर अश्लील मैसेज भेजता था। इन गंभीर आरोपों के बाद तकनीकी शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया है। छात्राओं ने बताया कि प्रिंसिपल सैयद मशकूल अली उनके व्हाट्सएप स्टेटस पर 'हॉट' और 'सेक्सी' जैसे भद्दे कमेंट करता था। इससे छात्राएं काफी असहज महसूस करती थीं। इसके अलावा हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं को अपनी मर्जी से बाहर ले जाता था।

आनंदम क्लास के बहाने बुलाता था निजी कमरे में
छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल आनंदम क्लास के बहाने उन्हें लाइब्रेरी या अपने निजी कमरे में बुलाता था। वहां उनसे मोबाइल नंबर एक्सचेंज करने के लिए दबाव डालता था। इसके साथ ही बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड जैसे विषयों पर अनर्गल बातें करता था। जवाब न देने पर कॉलेज में डांटता था। प्रिंसिपल सैयद मशकूल अली ने छात्राओं के सोशल मीडिया अकाउंट पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भी भेजी थी। इससे छात्राएं काफी डरी हुई थीं। उन्होंने बताया कि प्रिंसिपल कॉलेज में ज्यादातर समय लाइब्रेरी में बैठा रहता था और छात्राओं को घूरता था।

शिकायत के बाद जांच कमेटी गठित
छात्राओं की शिकायत के बाद तकनीकी शिक्षा विभाग ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में प्रिंसिपल को दोषी पाया था। इसके बाद विभाग ने प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया था। विभाग ने अब एक और जांच कमेटी गठित की है। इससे छात्राओं और अभिभावकों में रोष है। उनका कहना है कि जब पहली जांच में प्रिंसिपल दोषी पाया गया तो दूसरी जांच क्यों कराई जा रही है। उनका आरोप है कि प्रिंसिपल को क्लीन चिट देने की साजिश रची जा रही है।

एबीवीपी ने किया प्रदर्शन
छात्राओं के समर्थन में एबीवीपी कार्यकर्ता भी उतर आए हैं। उन्होंने प्रिंसिपल के खिलाफ प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की। एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।

छात्राओं ने हॉस्टल छोड़ा
प्रिंसिपल के व्यवहार से परेशान होकर कई छात्राओं ने हॉस्टल छोड़ दिया है। उन्होंने अपनी शिकायत में व्हाट्सएप पर भेजे गए अश्लील मैसेज और कॉल्स की जानकारी भी दी है।

छात्राओं द्वारा लगाए गए अन्य आरोप
कॉलेज में शाम 5 बजे के बाद रुककर छात्रावास की छात्राओं को पार्किंग क्षेत्र में बुलाना और उनसे बात करना।
छात्रावास की छात्राओं को महिला वार्डन की अनुमति के बिना बाहर भेजना और उनके साथ जाना।
कॉलेज कक्षा में जांच के नाम पर जाना और अनुचित बातें करना।
वार्षिक उत्सव के दौरान सीसीटीवी कैमरे बंद रखना और गोपनीयता भंग करना।

 

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