नागपुर में हुई हिंसा के बाद स्थिति नियंत्रण में है, हिंसा का आरोपी निकला फहीम खान, गडकरी से हारा था चुनाव

नागपुर
नागपुर में सोमवार रात हुई हिंसा के बाद स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन शहर के कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू जारी है। इस बीच नागपुर पुलिस ने बुधवार को फहीम शमीम खान की पहली फोटो जारी की है। फहीम 17 मार्च को शहर में हुए सांप्रदायिक हिंसा का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इस हिंसा में कई लोग घायल हो गए थे।फहीम खान एमडीपी का नगर अध्यक्ष है और नागपुर के यशोधरा नगर में संजय बाग कॉलोनी में रहता है। सांप्रदायिक झड़पों के सिलसिले में दर्ज की गई एफआईआर में उसका नाम आधिकारिक तौर पर शामिल किया गया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि फहीम खान ने झड़प शुरू होने से कुछ समय पहले कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि उनके भाषण ने इलाके में सांप्रदायिक तनाव को भड़काया, जिससे हिंसा भड़क उठी।

गडकरी के खिलाफ लड़ा था चुनाव
फहीम खान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में नागपुर सीट से अल्पसंख्यक डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। बीजेपी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से 6.5 लाख से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हार गया था। नागपुर के पुलिस आयुक्त रविंद्र कुमार सिंघल ने बताया कि दोपहर बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी। वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में दो हजार से अधिक सशस्त्र पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह, त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) और दंगा नियंत्रण पुलिस (आरसीपी) द्वारा पुलिस उपायुक्त रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में गश्त की जा रही है।

औरंगजेब की कब्र को लेकर हुई थी झड़प
सोमवार रात साढ़े सात बजे के करीब मध्य नागपुर में हिंसा भड़क गई थी और पुलिस पर पथराव किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि यह हिंसा इस अफवाह के बाद फैली कि औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान एक समुदाय के धार्मिक ग्रंथ को जला दिया गया। हिंसा में 34 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद शहर के संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया, जिससे लोगों और वाहनों की आवाजाही पर रोक लग गई।

पुलिस के अनुसार, अब कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकडगंज, पाचपावली, शांति नगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाडा, यशोधरा नगर और कपिल नगर पुलिस थाना क्षेत्र में आने वाले इलाकों में कर्फ्यू प्रभावी है। पुलिस के द्वारा कहा गया कि कर्फ्यू के दौरान संबंधित इलाकों के पुलिस उपायुक्त सड़कों पर वाहनों की आवाजाही के बारे में निर्णय लेंगे। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार रात हुई हिंसा में तीन पुलिस उपायुक्तों समेत 12 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पथराव और आगजनी के सिलसिले में अब तक करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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