छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में सुरक्षाबलों का नक्सलियों पर कड़ा प्रहार, 30 नक्सली ढेर

 बीजापुर/कांकेर

छत्तीसगढ़ के बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर थाना गंगालूर क्षेत्र में गुरुवार सुबह मुठभेड़ में 18 नक्सलियों को ढेर कर दिया गया है। उधर कांकेर क्षेत्र में भी मुठभेड़ में 4 नक्सलियों को मार गिराया गया है। बीजापुर मुठभेड़ में एक जवान बलिदान भी हुए हैं। इलाके में सर्चिंग जारी है और मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है।

मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुए हैं। संयुक्त टीम ने इलाके में ऑपरेशन शुरू किया था। इस दौरान गुरुवार सुबह करीब सात बजे से दोनों ओर से लगातार फायरिंग हो रही है। मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने 18 नक्सलियों के शव बरामद किए हैं।

इस अभियान में बीजापुर डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) का एक जवान बलिदान हो गया। फिलहाल क्षेत्र में मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन जारी है। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षाबल पूरे इलाके में निगरानी रखे हुए हैं।

गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा- 31 मार्च 2026 से पहले देश नक्सलमुक्त होने वाला है
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा- 'नक्सलमुक्त भारत अभियान' की दिशा में आज हमारे जवानों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में हमारे सुरक्षा बलों के 2 अलग-अलग ऑपरेशन्स में 22 नक्सली मारे गए।

मोदी सरकार नक्सलियों के विरुद्ध रुथलेस अप्रोच से आगे बढ़ रही है और समर्पण से लेकर समावेशन की तमाम सुविधाओं के बावजूद जो नक्सली आत्मसमर्पण नहीं कर रहे, उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सलमुक्त होने वाला है।

जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ स्थल पर सर्चिंग अभियान जारी है। बीजापुर से संयुक्त पुलिस जवानों का दल नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर अंडरी के पहाड़ में घुसा था। जहां जवानों को देख नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में जवानों द्वारा फायरिंग की गई। गंगालूर थाना क्षेत्र का यह इलाका दंतेवाड़ा जिले के बैलाडीला पहाड़ी से लगा हुआ है। यह नक्सलियों का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।

कैंप खुलने से सिमटा नक्सलियों का क्षेत्र
पीडिया में कैंप खुलने के बाद से नक्सलियों का यह इलाका भी अब सिमट गया है। पीडिया कैंप के आसपास मिरगान घोटुल, डोडी तुमनार, इडेनार, गमपुर, तामोडी, अंडरी, कुएम जैसे गांव हैं, जो वर्षों से नक्सलियों के लिए सबसे सुरक्षित जगह माने जाते रहे हैं।

कांकेर जिले में मुठभेड़ में चार नक्सली ढेर
कांकेर-नारायणपुर सरहदी क्षेत्र में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिलने परर सर्चिंग अभियान पर संयुक्त पुलिस पार्टी रवाना हुई थी। डीआरजी और बीएसएफ की टीम पर नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में 4 नक्सली ढेर हो गए। इनके पास से आटोमैटिक हथियार सहित अन्य सामान बरामद किया गया है। यहां रुक-रुककर फायरिंग जारी है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति