लोकसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जमकर हंगामा, हंगामे के चलते कुछ ही मिनटों में सदन स्थगित

नई दिल्ली
लोकसभा में गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद कार्यवाही को दो बार शुरू किया गया, लेकिन हंगामे के चलते कुछ ही मिनटों में सदन स्थगित हो गया। अंत में शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए कार्यवाही को स्थगित किया गया। यह पूरा बवाल डीएमके सांसदों की ओर से खास नारे वाली टीशर्ट पहनकर आने को लेकर हुआ। इन टीशर्ट्स में डीएमके सांसदों ने एक नारा लिखवाया था, जिस पर स्पीकर ने ऐतराज जताया। वहीं भाजपा समेत एनडीए के सांसदों ने भी खूब हंगामा किया। टीशर्ट्स में जो नारा लिखा था, वह था- तमिलनाडु लड़ेगा, तमिलनाडु जीतेगा, परिसीमन में न्याय हो।

सांसदों के इस तरह नारे लिखी टीशर्ट पहनकर पहुंचने पर स्पीकर ओम बिरला ने सख्त आपत्ति जाहिर की। उन्होंने कहा कि कुछ सदस्य सदन की मर्यादा और गरिमा का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसा करना संसद की गरिमा का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि ऐसी हरकत करने से पहले सांसदों को संसद का नियम 349 पढ़ लेना चाहिए।

स्पीकर बिरला ने डीएमके सांसदों से कहा, 'यदि आप नारे लिखी टीशर्ट पहनकर आएंगे तो सदन की कार्यवाही नहीं चलेगी। यदि आप इन टीशर्ट्स को उतारकर आएं, तभी सदन चलेगा।' टीशर्ट पहनकर आने वाले ज्यादातर सांसद डीएमके के थे। उनका कहना था कि आगामी परिसीमन में तमिलनाडु को नुकसान हो सकता है। इसलिए हम पहले से ही आगाह कर रहे हैं कि ऐसा कोई अन्याय न किया जाए।

हंगामे के चलते स्पीकर ने पहले सदन की कार्य़वाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित किया। फिर कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित किया गया। अंत में पूरे दिन के लिए सेशन को स्थगित करना पड़ा। बता दें कि लोकसभा सीटों के परिसीमन को लेकर एमके स्टालिन लगातार हमलावर हैं। उनका कहना है कि नई जनगणना के अनुसार यदि परिसीमन हुआ तो तमिलनाडु में लोकसभा की सीटें 39 की बजाय 31 ही रह जाएंगी। इसी तरह वह केरल, आंध्र, तेलंगाना और कर्नाटक को भी सीटों के कम होने का डर दिखा रहे हैं। स्टालिन और सिद्धारमैया जैसे नेताओं का कहना है कि लोकसभा सीटों का परिसीमन 1971 की जनगणना के अनुसार ही रहना चाहिए।

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