जेपी यूनिवर्सिटी के छात्र ने तड़के हास्टल की चौथी मंजिल से कूदकर की आत्महत्या

गुना/राघौगढ़
जिले के राघौगढ़ थाना क्षेत्र स्थित जेपी यूनिवर्सिटी के छात्र ने शुक्रवार तड़के हास्टल की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि छात्र ऑनलाइन लेनदेन में धोखाधड़ी का शिकार हुआ था, जिसके चलते कदम उठाया। छात्र के लैपटॉप से मिले सुसाइड नोट में भी दोस्त से उधार लिए पैसे न लौटा पाने का जिक्र है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार ओरैया उत्तरप्रदेश का रहने वाला वैभव पुत्र मनोज वर्मा मध्यप्रदेश के गुना जिला स्थित जेपी यूनिवर्सिटी आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नाेलाजी राघौगढ़ से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। वह बी-टेक (कंप्यूटर साइंस) द्वितीय वर्ष का छात्र था।

परिजनों को सौंप दिया शव
गुरुवार सुबह करीब पांच बजे उसने छात्रावास की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। इसकी सूचना मिलते ही कैंपस में हड़कंप मच गया। प्रबंधन ने तत्काल छात्र को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। साथ ही मृतक छात्र के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

मृतक छात्र के खाते में मिला 25 हजार का लेनदेन
इधर, पुलिस को छात्र का मोबाइल और लैपटॉप में सुसाइड नोट मिला है। जांच के दौरान मृतक वैभव के अकाउंट में 25 हजार रुपये का लेनदेन भी मिला है, तो सुसाइड नोट में धोखाधड़ी का जिक्र भी किया है। अब पुलिस पता लगा रही है कि आखिर रुपये किसे भेजे गए हैं। इस तरह पुलिस ने हर एंगल से जांच शुरू कर दी है।

मृतक छात्र ने सुसाइड नोट में लिखा
‘पहले ये ऊपर ही पढ़ना। नीचे तब पढ़ना, जब मुझे दो कॉल कर लो और मैं काल न उठाऊं। तब तक शायद में जा चुका होउंगा। अनुज मेरे दोस्त तेरे साथ बहुत अच्छा समय निकला। जितना भी समय था, बहुत अच्छे से गुजारा है। हालांकि, ये समय कुछ और ज्यादा होना था। मैं बहुत गिल्ट में हूं। मेरे साथ 20 हजार रुपये का फ्राड हुआ है। मैंने दोस्त से 15 हजार रुपये उधार लिए और वापस नहीं कर पा रहा हूं। इसका मुझे बहुत दुख है। भाई, बहन, मम्मी, पापा, दोस्तों सारी। भैया आपने भी मेरा बहुत अच्छा सपोर्ट किया। मम्मी-पापा आपने मुझे बहुत अच्छी लाइफ दी पर इस बात का दुख रहेगा कि आपका इच्छाएं पूरी नहीं कर पाया। मुझे माफ कर देना।’ सुसाइड नोट वैभव ने उप्र में अपने नजदीकी दोस्त को भेजा था।
 
मां का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक छात्र वैभव के पिता मनोज वर्मा ओरैया में सरकारी शिक्षक और मां गृहणी हैं। जैसे ही उन्हें बेटे की मौत की सूचना मिली, तो वे यूनिवर्सिटी पहुंचे। यहां उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जिन्हें पिता व अन्य बमुश्किल संभाल पा रहे थे। रोते हुए मां बोल रही थीं कि बीती रात को बेटे से वीडियो कॉल पर बात हुई थी, जो मंगलवार को होली की छुट्टी मनाकर वापस यूनिवर्सिटी लौटा था। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटा सीधा था, जिसकी कभी किसी से लड़ाई भी नहीं हुई। उसे किसी ने मार दिया है।

रात दो बजे तक साथ पढ़े थे
छात्रावास में कमरे में साथ रहने वाले छात्र ने बताया कि रात दो बजे तक हमने मिलकर पढ़ाई की थी। इसके बाद सोने चले गए थे, तब तो वैभव हंसते हुए बात कर रहा था। उसके चेहरे पर भी कोई सिकन नहीं थी। पढ़ने में भी अच्छा था, लेकिन यह कदम कैसे उठाया, समझ से परे है।

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