पर्व आध्यात्मिक संस्कृति और विज्ञान का मिश्रण है, यादव समाज के होली मिलन समारोह में शामिल हुई राज्य मंत्री गौर

भोपाल
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि बांके बिहारी से प्रार्थना करती हूं की होली का यह त्यौहार, जितने रंगों से मनाया जाता है वह सारे रंग प्रभु आप सबके जीवन में भर आपके जीवन को आनंद और खुशहाली से समृद्ध करें। होली का यह पावन पर्व हमारी भारतीय आध्यात्मिक संस्कृति और विज्ञान का मिश्रण है। राज्य मंत्री श्रीमती गौर रविवार को राजधानी यादव समाज के भोपाल में आयोजित होली मिलन समारोह संबोधित कर रही थी।

राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि यादववंशियों के लिए इस पर्व का बहुत महत्व है, क्योंकि हम ब्रज की होली को भगवान कृष्ण से जोड़कर मनाते हैं। ब्रज की होली भगवान श्री कृष्ण के प्रति समर्पण और भक्ति का भाव है। सबके मन में भगवान श्री कृष्ण के प्रति श्रद्धा है, उस श्रद्धा का स्वरूप इस प्रकार के आयोजनों में बड़ी संख्या में समाज की एकजुटता के साथ दिखाई देता है। समाज हमारा एकजुट हो, समाज हमारा मजबूत हो ऐसी अभिलाषा हर किसी की होती है। यादव समाज के लोगों में योग्यता और प्रतिभा कूट-कूट कर भरी हुई है।

राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि शहर के बीचों-बीच बांके बिहारी और राधा रानी सरकार का यह सुंदर मंदिर और भवन बन रहा है। उन्होंने मंदिर और भवन के निर्माण में बाबू जी पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर के योगदान का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा वह भी इस कार्य में पूरी निष्ठा और समर्पण से अपना योगदान देंगी।

 

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