कुश्ती चैंपियनशिप में हरियाणा के जींद की बेटी ने कांस्य पदक जीतकर देश-प्रदेश का नाम रोशन किया

जींद
जॉर्डन के ओमान में आयोजित सीनियर एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में हरियाणा के जींद की बेटी ने कांस्य पदक जीतकर देश-प्रदेश का नाम रोशन किया है। गांव में मानसी की इस उपलब्धि से खुशी का माहौल है। मानसी के वापस लौटने पर भव्य स्वागत की तैयारी की जा रही है। मानसी ने इससे पहले अंडर-17 एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक भी जीता था।

मानसी के ताऊ सतीश पहलवान के अनुसार उनके दादा फूला नंबरदार का सपना था कि उनकी बेटी विदेश में खेलकर परिवार का नाम रोशन करे। इस सपने को पूरा करने के लिए पूरे परिवार ने कड़ी मेहनत की। मानसी के परिवार ने देश को 4 राष्ट्रीय और 3 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं।

मानसी एक खेल प्रेमी परिवार से हैं। उनके परिवार में तीन कुश्ती कोच हैं। उनके पिता जयभगवान लाठर साई के कोच हैं। वे 20 बार इंडिया पुलिस के मेडलिस्ट और कई बार अंतरराष्ट्रीय पहलवान रहे हैं। उन्होंने सीआरपीएफ में एएएसपी के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली और अब साई में कोच के रूप में कार्यरत हैं। मानसी की माता सीमा लाठर भी एक कोच हैं, जो खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करती हैं।

  • admin

    Related Posts

    AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

    नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

    तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति