दिव्यांग छात्रावास की स्थापना एवं संचालन, स्कूल शिक्षा विभाग ने छात्रावास निर्माण के लिये बजट में किया है प्रावधान

भोपाल
प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों पर दिव्यांग विद्यार्थियों के लिये 50 सीटर बालक और 50 सीटर बालिका दिव्यांग छात्रावास निर्माण के लिये प्रति इकाई 3 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लोक निर्माण विभाग को दी गयी है।

दिव्यांग छात्रावास का निर्माण संभागीय मुख्यालय पर स्थित ऐसे स्कूलों में किया जायेगा, जहाँ सह-शिक्षा उपलब्ध है। वर्तमान में ऐसे दिव्यांग विद्यार्थी, जो कक्षा 8वीं तक की शिक्षा राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा संचालित छात्रावास में रहकर पास करते हैं, उन दिव्यांग विद्यार्थियों को कक्षा-9 और उससे ऊपर की कक्षाओं में पढ़ाई के लिये राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा संचालित छात्रावास में व्यवस्था की गयी है। स्वीकृत छात्रावासों में से ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, शहडोल तथा नर्मदापुरम में निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष संभागीय मुख्यालयों में कार्य प्रगति पर है।

 

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति