प्रियांश आर्य की अनसुनी कहानी कोच संजय भारद्वाज की जुबानी, दोस्तों ने उड़ाया मजाक, गुरु की सेंचुरी वाली वो शर्त

नई दिल्ली
पंजाब किंग्स का युवा जिसने आईपीएल के इतिहास में सबसे तेज शतक जड़ने वालों की लिस्ट में अपना नाम दर्ज करा चुका है। जिसने इस सीजन की सबसे तेज सेंचुरी जड़ी है। सिर्फ 39 गेंद में शतक। 4 चौके और 9 छक्के। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मंगलवार को अपनी टीम के मैच विनर बने। आर्य को इस कामयाबी के लिए बहुत पसीना बहाना पड़ा। कभी उनके पास दिल्ली अंडर 19 ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए क्लब टूर्नामेंट की एंट्री फी देने के पैसे नहीं थे। तब अगर उनके गुरु संजय भारद्वाज आगे नहीं आए होते तो आज शायद प्रियांश आर्य वो प्रियांश आर्य नहीं होते जो अब हैं। दृढ़ता ऐसी कि जब गुरु ने शर्त रख दिया कि जब सेंचुरी मारोगे तभी स्टेडियम में मैच देखने आऊंगा, तब उसी मैच में शतक जड़ दिया। ये सारे किस्से उनके ही गुरु, कोच संजय भारद्वाज ने हमारे सहयोगी हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में बताए हैं।

आर्य ने इस आईपीएल में अबतक 4 मैच खेले हैं। उनमें उनका स्कोर 47, 8, 0 और 103 रन रहा। दिल्ली प्रीमियर लीग में एक ही ओवर में 6 छक्के का करिश्मा करने के बाद रातोंरात स्टार बनने वाले इस खिलाड़ी पर तकरीबन सभी फ्रैंचाइजी की नजर थी। इसीलिए इस साल सऊदी अरब के जेद्दा में हुई आईपीएल नीलामी में पंजाब किंग्स ने 30 लाख बेस प्राइस वाले इस खिलाड़ी को 3.8 करोड़ में खरीदा था। नीलामी से पहले आर्य के दोस्त उसका मजाक उड़ाते थे कि तुम्हें कोई 1 करोड़ में खरीद ले, यही बड़ी बात होगी। यह बात उन्होंने अपने कोच संजय भारद्वाज को भी बताई थी लेकिन गुरु का अनुमान था कि कम से कम 2.7 करोड़ तक बोली तो जाएगी ही।
प्रियांश आर्य के पास टूर्नामेंट की एंट्री फी तक देने के नहीं थे पैसे

इंटरव्यू के दौरान अंडर 19 ट्रायल वाला अनसुना किस्सा भी बताया कि कैसे उन्होंने अपनी जेब से एक टूर्नामेंट की एंट्री फी देकर अपने प्रिय चेले का उसमें खेलना सुनिश्चित कराया। भारद्वाज ने एचटी को बताया, 'वह अंडर 19 चयन प्रक्रिया में नहीं था। तब भारत के एक पूर्व खिलाड़ी एक टूर्नामेंट करा रहे थे। अंडर 19 के चयनकर्ता गुरुशरण सिंह थे। मैं चाहता था कि प्रियांश इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले और मुझे पूरा भरोसा था कि वह प्लेयर ऑफ द सीरीज बनेगा। मैंने सोचा कि अगर उसने टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन कर गया तो वह गुरुशरण से गुजारिश करेंगे कि उसे ट्रायल का मौका दिया जाए।'

कोच संजय भारद्वाज नहीं आते आगे तो U 19 ट्रायल मुश्किल था
पूर्व खिलाड़ी की तरफ से कराए जा रहे उस क्लब टूर्नामेंट की एंट्री फी 45000 रुपये थी जो प्रियांश आर्य के लिए एक बड़ी रकम थी। कोच संजय भारद्वाज ने एंट्री फी जमा कर दिया ताकि उनके चेले के लिए दिल्ली अंडर 19 ट्रायल का मौका बन सके।

प्रियांश आर्य के कोच ने रख दी थी सेंचुरी के बाद ही मैच देखने की शर्त
प्रियांश आर्य सबसे पहले तब चर्चा में आए जब उन्होंने दिल्ली प्रीमियर लीग में एक ही ओवर में 6 छक्के जड़ दिए थे। भारद्वाज उस मैच का भी एक दिलचस्प किस्सा बताते हैं। प्रियांश आर्य चाहते थे कि उनके गुरु उनका मैच स्टेडियम में बैठकर देखें। उन्होंने उनसे अपनी हसरत का इजहार किया। तब गुरु ने उनके सामने एक बहुत बड़ी शर्त रख दी। शर्त ये कि जबतक तुम शतक नहीं जड़ते, मैं तुम्हारे मैच देखने नहीं आऊंगा। भारद्वाज बताते हैं, 'दिल्ली प्रीमियर लीग के दौरान मैंने उससे कहा कि जबतक तुम सेंचुरी नहीं लगाओगे, मैं तुम्हारा मैच देखने नहीं आऊंगा। ठीक उसी दिन उसने सैकड़ा जड़ दिया और एक ओवर में 6 छक्के उड़ा दिए। उसके बाद मैं उससे मिलने गया।'

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