सार्वजनिक शौचालय स्वच्छ और सर्वसुविधायुक्त करने नगरीय प्रशासन विभाग ने जारी किए 57.70 करोड़ रुपए

550 से अधिक स्वच्छता लक्षित इकाइयों का रूपांतरण, खुले में कचरा फेंकने, गंदगी करने पर दंड का प्रावधान

रायपुर.

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की पहल पर शहरों में स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराने तथा नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने 57 करोड़ 70 लाख रुपए जारी किए गए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने स्वच्छ एवं सर्वसुविधायुक्त शौचालयों के लिए 144 नगरीय निकायों को 42 करोड़ 58 लाख रुपए जारी किए हैं। इस राशि से 1389 शौचालयों की मरम्मत की जाएगी। इसके साथ ही स्वच्छता श्रृंगार योजना के तहत सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव एवं संधारण के लिए 15 करोड़ 12 लाख रुपए भी मंजूर किए गए हैं। इस राशि से सामुदायिक शौचालयों के उन्नयन के कार्य किए जा रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर नगरीय निकायों में स्वच्छता अभियान की गति को और तेज करने, कचरा डिस्पोजल की व्यवस्था को सुदृढ़ करने, नागरिकों को स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराने तथा उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक करने विभिन्न मदों से राशि जारी की गई है। इस राशि से शौचालयों की मरम्मत, सफाई तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के काम प्राथमिकता से किए जाएंगे।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालय एक सुविधा से कहीं अधिक आम नागरिकों के दैनिक जीवन का हिस्सा है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालयों की उपेक्षा के कारण नगरीय निकायों में शौचालयों की स्थिति जर्जर थी, वे उपयोग के लायक नहीं थे। राज्य सरकार ने शौचालयों की आवश्यकताओं को देखते हुए स्वच्छ एवं सर्वसुविधायुक्त शौचालय सुनिश्चित करने के लिए राशि जारी की है। उन्होंने कहा कि हम नागरिकों को स्वच्छता के प्रति सजग करने के साथ ही उन्हें स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

श्री साव ने बताया कि नगरीय निकायों के सार्वजनिक स्थलों जैसे बाजार, बस स्टैंड, चौक-चौराहे एवं अन्य भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में मिशन मोड पर स्वच्छता लक्षित इकाइयों (CTUs) का चिन्हांकन कर स्वच्छता के कार्य किए जा रहे हैं। अब तक ऐसे 550 से अधिक स्थानों को सीटीयू या जीवीपी (Garbage Vulnerable Point) के रूप में चिन्हित कर स्वच्छ किया जा चुका है। इन स्थलों पर खुले में कचरा फेंकने या दोबारा गंदगी करने वालों के लिए दंड का प्रावधान भी किया गया है।

विभिन्न संस्थाओं और गतिविधियों के माध्यम से बढ़ाई जा रही सहभागिता

उप मुख्यमंत्री साव शौचालयों की गुणवत्ता में सुधार लाने नियमित रूप से समीक्षा कर रहे हैं। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने भी नगरीय निकायों के आयुक्तों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को नागरिकों को सभी सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। लोगों में जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों को प्रचार-प्रसार (आईईसी) मद से आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। वॉल पेंटिंग, वेस्ट-टू-आर्ट से बनी कलाकृतियों तथा बैक लेन सौंदर्गीकरण के माध्यम से स्वच्छता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। शैक्षणिक संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों, स्वसहायता समूहों आदि के सहयोग से स्वच्छता पखवाड़ा, सफाई चौपाल, नुक्कड़ नाटक, प्लॉग रन, स्वच्छता शपथ जैसे कार्यक्रमों से नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग एवं राज्य सरकार की निरंतर कोशिशों से शहरों में स्वच्छता अभियान को नई गति मिली है। प्रदेश के सभी नगरीय निकाय स्वच्छता के इस जन आंदोलन से और अधिक प्रतिबद्धता से जुड़ गए हैं।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति