……. मैं घर नहीं जाता था लेकिन हमने दंगा फसाद होने में पूरी कोशिश की: दिग्विजय सिंह

भोपाल

खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें दिग्विजय सिंह बाबरी मस्जिद के गिरने के बाद हुए दंगे के बारे में बात कर रहे थे। 1 मिनट 12 सेकेंड के वीडियो में पूर्व सीएम कह रहे हैं

ऐसे अनेक मेरे पास उदाहरण हैं, जब बाबरी मस्जिद शहीद हुई थी उस समय मैं प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष था, भोपाल शहर में 1947 में भी दंगा नहीं हुआ लेकिन बाबरी मस्जिद गिरने पर दंगा हुआ। लगभग दो हफ्ते तक मैंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में रात बिताई। मैं घर नहीं जाता था। लेकिन हमने दंगा फसाद होने में पूरी कोशिश की।

पूर्व मुख्यमंत्री ने बाबरी मस्जिद के संदर्भ में आगे कहा कि भोपाल में एक काजी कैम्प है, जहां सलामत सिद्दीकी नामक पार्षद ने उन्हें बताया था कि पुलिस की वर्दी में लोग रात के समय उनके घर आए थे।

गोलीबारी होती है, और गरीब के बच्चे मारे जाते हैं

बुधवार को शाजापुर में नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर हुए प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे दिग्विजय सिंह ने शाजापुर शहर के चोबदारवाड़ी में मुस्लिम समुदाय के सद्भावना सम्मेलन में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा, "कई बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस प्रकरण दर्ज नहीं करती है, वहीं दूसरी तरफ झूठी शिकायतें दर्ज की जाती हैं। जब लोगों पर अत्याचार बढ़ जाता है, तो गुस्से के कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है।"

दिग्विजय ने आगे कहा, "दंगे में गरीबों के बच्चे शामिल होते हैं, बड़े नेताओं के बच्चे नहीं। पुलिस के डंडे चलते हैं, गोलीबारी होती है, और गरीब के बच्चे मारे जाते हैं।"

कांग्रेस ने इस देश में दंगा फसाद कराने का काम किया

इस वीडियो को शेयर करते हुए खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, "दिग्विजय सिंह ने स्वीकार ही किया कि बाबरी मस्जिद कांड के बाद दंगा फसाद उन्हीं ने कराया। वह स्वयं कह रहे हैं कि बाबरी मस्जिद शहीद हुई और उसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए दंगा फसाद कराया।"

सारंग ने आगे कहा, "यह बयान साफ करता है कि कांग्रेस ने इस देश में दंगा फसाद कराने का काम किया है। दिग्विजय सिंह ने खुद कबूल किया है कि दंगे उन्होंने कराए थे।"

दिग्विजय बोले- बयान तोड़-मरोड़ कर पेश किया

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका बयान तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और बीजेपी इसे गलत तरीके से प्रचारित कर रही है। उन्होंने कहा, "मैंने कहा था कि जब प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव था, तब मैंने 15 दिन कांग्रेस के पीसीसी दफ्तर में रहकर हिंदू और मुस्लिम समाज के बीच समन्वय की कोशिश की थी ताकि दंगा-फसाद न हो।"

साथ ही दिग्विजय ने बाबरी मस्जिद के गिरने को लेकर कहा, "अगर आप जबरन किसी धार्मिक स्थल को गिराएंगे, तो लोग क्या कहेंगे? जो सच है, वही बोला।"

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