मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान को एक और उपलब्धि मिली, लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बेस्ट परफॉर्मर स्टेट का अवार्ड मिला

जयपुर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान को एक और उपलब्धि मिली है। राजस्थान को केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) की तरफ से लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बेस्ट परफॉर्मर का अवार्ड मिला है । यह अवार्ड LEADS 2024 की रिपोर्ट के आधार पर राजस्थान को दिया गया है।

राजस्थान को LEADS 2024 रिपोर्ट में लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सुगमता को प्रोत्साहित करने और राज्य में लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नियामक वातावरण में सुधार के लिए यह अवार्ड दिया गया है। यह रिपोर्ट केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा जारी की गई है। चार कैटेगिरी में से एक में यह अवार्ड राजस्थान को दिया गया है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव अजिताभ शर्मा ने बताया कि भारत सरकार द्वारा LEADS की रिपोर्ट निर्धारित दस मानदंडों के आधार पर जारी की जाती है। इसके तहत राज्य में लॉजिस्टिक्स पॉलिसी का निर्माण, लॉजिस्टिक्स प्लान का निर्माण, पीएम गतिशक्ति योजना का राज्य में उपयोग, मानव संसाधन को बढ़ावा देना, ग्रीन लॉजिस्टिक्स को बढावा देना, केंद्र सरकार की परियोजनाओं का राज्य में सुविधा प्रदान करना, पीपीपी मोड का विकास, लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देना, नियामक वातावरण में सुधार, साथ ही यूनीफाइड लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म का उपयोग जैसे मानदंड निर्धारित किए गए है।

प्रमुख शासन सचिव अजिताभ शर्मा ने बताया कि निवेश अनुकूल औद्योगिक वातावरण सुनिश्चित करने के क्रम में राजस्थान लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 जारी की जा चुकी है यह नीति राजस्थान को लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेगी। उन्होंने बताया कि राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है। साथ ही देश के राष्ट्रीय राजमार्गों का बड़ा नेटवर्क और दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क राजस्थान में ही है। इसके अलावा 8 इनलैंड कंटेनर डिपो, 7 एयरपोर्ट और 2 एयर कार्गाे कॉम्प्लेक्स हमें लॉजिस्टिक्स और व्यापार के क्षेत्र में मजबूत स्थिति प्रदान कर रहे हैं। राजस्थान लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 राजस्थान की भौगोलिक स्थिति का लाभ लेते हुए औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देगी और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी लाते हुए उद्योगों को भी आगे बढ़ने के भरपूर अवसर प्रदान करेगी।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा जारी राजस्थान लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 में राजस्थान को लॉजिस्टिक्स के लिए पसंदीदा गंतव्य स्थल बनाने के लिए कई आकर्षक प्रावधान किए गए हैं। इनमें कई तरह की विशेष छूट और अनुदान शामिल हैं। वेयरहाउस, साइलो, कोल्ड स्टोरेज, इनलैण्ड कन्टेनर डिपो, कन्टेनर फ्रेट स्टेशन, एयर फ्रेट स्टेशन, कार्गाे टर्मिनल, ट्रकर पार्क इत्यादि के लिए 5 से 50 करोड़ रुपए तक इलिजिबल फिक्स कैपिटल इन्वेस्टमेंट (ईएफसीआई) की 25 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी दस वर्षों तक देने का प्रावधान किया गया।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति