रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि लश्कर ए तैयबा के अतीत में पाकिस्तान के साथ कुछ लिंक मिले

कराची

पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक हैरान करने वाला इकबालिया बयान दिया है. ब्रिटेन स्काई न्यूज के साथ बातचीत के दौरान ख्वाजा आसिफ ने माना है कि पाकिस्तान का आतंकवाद को सपोर्ट करने और टेरर फंडिंग करने का लंबा इतिहास रहा है. स्काई न्यूज के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि हम लोग 30 साल से इस गंदे काम को अमेरिका के लिए करते आ रहे हैं.

भारत के साथ ऑल आउट वार की बात करने वाले ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान में लश्कर ए तैयबा खत्म हो चुका है. ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि लश्कर ए तैयबा का अतीत में पाकिस्तान के साथ कुछ लिंक मिले हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि अब ये आतंकी संगठन खत्म हो चुका है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ लश्कर का लिंक मिलने का ये मतलब नहीं है कि हम इसको मदद करते हैं.

जब ख्वाजा आसिफ से पूछा गया है कि लश्कर से निकले एक दहशतगर्दी संगठन ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली है. तो उन्होंने कहा कि जब मूल संगठन ही नहीं रहा तो ऑफशूट संगठन कहां से आता है.

बता दें कि लश्कर से निकले TRF नाम के आतंकी संगठन ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली है, जहां 22 अप्रैल को 26 बेगुनाह सैलानियों की आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी.

स्काई न्यूज के साथ बातचीत के दौरान जब रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से पूछा गया कि क्या आप मानते हैं कि पाकिस्तान का इन आतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण और वित्तपोषण देने का एक लंबा इतिहास रहा है?

इस प्रश्न का उत्तर देते हुए ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान आतंकवादियों को समर्थन देता रहा है.

उन्होंने कहा, "हम तीन दशकों से संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए यह गंदा काम कर रहे हैं, ब्रिटेन के लिए भी.” ख्वाजा आसिफ ने कहा कि ये हमारी गलती थी और इससे हमें नुकसान हुआ.

इसके पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने ये कहकर अपने मुल्क की गलती को सही साबित करने की कोशिश की कि अगर पाकिस्तान सोवियत यूनियन के खिलाफ अफगानिस्तान में शामिल नहीं होता या फिर 9/11 में साथ नहीं होता तो पाकिस्तान पर कोई उंगली नहीं उठा पाता.

ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पहलगाम हमले को भारत की साजिश बताया और कहा कि हमारी एजेंसियों का मानना है कि ये काम भारत ही कर रहा है. स्काई न्यूज से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि पाकिस्तान का आतंकियों को साथ देने का पुराना इतिहास रहा है. इस पर उनका क्या कहना है. इसके जवाब में ख्वाजा आसिफ ने दुनिया के बड़े मुल्कों पर ही दोष मढ़ना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि बड़े देशों के लिए इस क्षेत्र में जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए पाकिस्तान को दोष देना आसान है. जब 80 के दशक में हम उनकी तरफ से सोवियत यूनियन के खिलाफ लड़ रहे थे तो आज के ये सारे आतंकी वाशिंगटन में मेहमाननवाजी के मजे ले रहे थे.

ख्वाजा आसिफ ने कहा कि इसके बाद 9/11 अटैक हुआ. एक बार फिर से वही चीज रिपीट की गई. तब हमारी सरकार ने गलती की. तब इन आतंकियों का अमेरिका ने प्रॉक्सी के रूप में इस्तेमाल किया. तब अमेरिका इनको मोहरे के रूप में इस्तेमाल करता था. ये एक ही संगठन के लोग थे.

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