भारत ने पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्णायक कार्रवाई शुरू, हमले में पाकिस्तान का सीधा हाथ

नई दिल्ली
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। भारत ने विदेशी सरकारों के सामने तकनीकी खुफिया और मानव स्रोतों के जरिए जुटाए गए ठोस सबूत पेश किए हैं, जिनसे साफ होता है कि इस हमले में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों की सीधी भूमिका है।

पाकिस्तानी कनेक्शन की पुष्टि
भारतीय एजेंसियों ने इस हमले के लिए जिम्मेदार आतंकियों की पहचान कर ली है। जांच में यह सामने आया है कि हमले में शामिल आतंकियों का सीधा संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) से है, जो लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी संगठन है। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस में इन आतंकियों के सिग्नल पाकिस्तान के दो ठिकानों से जुड़े पाए गए हैं।

PM मोदी की 13 राष्ट्राध्यक्षों से बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दो दिनों में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, इजराइल, इटली, मिस्र, जॉर्डन, सऊदी अरब, नेपाल, मॉरीशस, डच और ऑस्ट्रेलिया जैसे 13 देशों के प्रमुखों से बातचीत की। सभी नेताओं ने हमले की निंदा करते हुए भारत के साथ एकजुटता जताई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी कई देशों के विदेश मंत्रियों व राजदूतों से संवाद कर भारत की स्थिति स्पष्ट की।

भारत की ताबड़तोड़ कार्रवाई
भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ निम्नलिखित कड़े कदम उठाए हैं:

सिंधु जल संधि निलंबित: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि अब पाकिस्तान को एक बूंद पानी नहीं मिलेगा।
कूटनीतिक संबंध सीमित: पाकिस्तान के साथ राजनयिक स्तर पर संपर्क और दूतावास की गतिविधियों को सीमित किया गया।
वीजा सेवाएं रोक दी गईं: पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीज़ा तत्काल प्रभाव से निलंबित, पाक हिंदुओं के लिए छूट बनी रहेगी।
LOC पर जवाबी कार्रवाई: पाकिस्तान की गोलीबारी का भारतीय सेना ने तीखा जवाब दिया।

भारत का विदेशों को संदेश: “पर्यटक बिल्कुल सुरक्षित ”
दिल्ली में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने 30 से अधिक देशों के राजदूतों से मुलाकात कर बताया कि भारत पर्यटकों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा जारी यात्रा चेतावनियों को भारत ने “अनावश्यक और अतिशयोक्तिपूर्ण” करार दिया।

वैश्विक प्रतिक्रिया: समर्थन और शांति की अपील
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमला "भयानक" बताया और भरोसा जताया कि भारत-पाकिस्तान इसे बातचीत से सुलझा लेंगे। ईरान और सऊदी अरब ने भारत-पाक के बीच मध्यस्थता की पेशकश की।फ्रांस, इजराइल, जापान, इटली समेत कई देशों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े होने का वादा किया।

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