मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की जनसुनवाई: अधिकारियों को दिए निर्देश, आमजन की परिवेदनाओं का हो त्वरित निस्तारण

जयपुर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई करते हुए आमजन की परिवेदनाओं को आत्मीयता के साथ सुना और अधिकारियों को परिवेदनाओं के निस्तारण के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार आमजन को बेहतर सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। प्रत्येक फरियादी की समस्या को सुनना और उसका निस्तारण सुनिश्चित करना हमारी सरकार का मूलमंत्र है।

मुख्यमंत्री ने जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, राजस्व, मनरेगा, ऊर्जा एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों से संबंधित परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण कर आमजन को राहत दी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित भी रहे।

जनसुनवाई के दौरान जयपुर निवासी श्री रामसिंह राजोरिया ने मुख्यमंत्री को चावल के एक दाने पर उकेरी अयोध्या स्थित रामलला मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। श्री शर्मा ने श्री राजोरिया की माइक्रो आर्ट की प्रशंसा की। श्री राजोरिया ने सूक्ष्मतम हस्तलिखित श्री भगवत् गीता के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति