खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- नल-जल योजना की सामग्री चोरी, क्षतिग्रस्त होने पर एफआईआर करायें

भोपाल
नल-जल योजना के काम समय-सीमा में नहीं होने पर निर्माण एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। सरपंच, ग्रामवासी और निर्माण एजेंसी का सहयोग, समन्वय कर कार्य कराए। साथ ही नल-जल योजना की सामग्री चोरी और क्षतिग्रस्त होने पर एफआईआर की कार्रवाई करें। कार्य पूर्ण होने के बाद सड़कों का रेस्टोरेशन गुणवत्ता के साथ करें। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने यह निर्देश सागर में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में सुरखी विधानसभा क्षेत्र में चल रही नल-जल योजना की समीक्षा के दौरान दिए। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सरपंच एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ समन्वय बनाकर योजनाओं का क्रियान्वयन करें।

मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि बगैर देरी के पानी की समस्या का निदान किया जाये। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर लूप लाइन डालें। साथ में बूस्टर पंप भी लगाएं, जिससे कि ग्रामवासियों को प्रेशर के साथ पानी उपलब्ध हो सके। मंत्री श्री राजपूत ने सुरखी विधानसभा क्षेत्र की एक-एक ग्राम की समीक्षा करते हुए सरपंच, संबंधित निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा की, उनकी समस्या सुनी और उनका निदान करने के भी निर्देश दिए।

मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सभी सरपंच अपने ग्राम की इस प्रकार की कार्य योजना तैयार करें जिस प्रकार वह अपने घर की योजना तैयार करते हैं और उसी तरह कार्य करें। उन्होंने कहा कि नल-जल योजना के कार्य पूरा होने पर ग्राम पंचायत स्तर पर 100 रुपए प्रति घर कनेक्शन के हिसाब से किराया लें और उसका संधारण करें। उन्होंने कहा कि सरपंच यह भी देखें कि ग्राम की नल-जल योजना क्षतिग्रस्त न हो पाए और कोई भी सामग्री चोरी न जाए और यदि ऐसा होता है तो तत्काल एफआईआर करायें। मंत्री श्री राजपूत ने मैराथन बैठक लेते हुए 200 गांव के जनप्रतिनिधियों को सुना और उनकी समस्याओं का निदान करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने कहा कि नल-जल योजनाओं के सभी कनेक्शन घरों के अंदर लगाएं। हैंड पम्पों के पास रिचार्ज पिट बनाएं, जिससे पानी का स्तर बढ़ सके। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सभी ग्रामों के पुराने नदी नाले, बावड़ी को पुनर्जीवित करने के लिए सरपंच के साथ सभी ग्रामवासी आगे आए जिससे कि पानी की समस्या का निदान किया जा सके और क्षेत्र का जल-स्तर बढ़ सके।

इस अवसर पर जैसीनगर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री बृजेंद्र सिंह, राहतगढ़ जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मीना राजू आदिवासी, उपाध्यक्ष श्रीमती साधना अरविंद सिंह टिंकू राजा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के वी, ग्राम पंचायत के सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

 

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