नहीं रहे योग साधक शिवानंद बाबा, उनका जीवन देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा: पीएम मोदी

नई दिल्ली

योग साधक और काशी निवासी शिवानंद बाबा का शनिवार रात निधन हो गया। 129 वर्ष के योग गुरु पद्मश्री शिवानंद ने वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में अंतिम सांस ली। डॉ. देवाशीष ने बताया कि योग गुरु ने शनिवार की रात 8.30 बजे इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया।

उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, 'योग साधक और काशी निवासी शिवानंद बाबा के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। योग और साधना को समर्पित उनका जीवन देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा। योग के जरिए समाज की सेवा के लिए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित भी किया गया था। शिवानंद बाबा का शिवलोक प्रयाण हम सब काशीवासियों और उनसे प्रेरणा लेने वाले करोड़ों लोगों के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं इस दुःख की घड़ी में उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं।'

अन्न नहीं खाते थे पद्मश्री शिवानंद
पद्मश्री शिवा नंद अन्न नहीं खाते थे। योग गुरु और योग साधना में निपुण थे। वह योग साधना को ज्यादा प्राथमिकता देते थे। वह महाकुंभ में भी स्नान के लिए पहुंचे थे। आश्रम से जुड़े लोगों का दावा है कि वह देश के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति थे। उन्हें 2022 में पद्मश्री से नवाजा गया था। तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें सम्मानित किया था।

योग साधना को ज्यादा प्राथमिकता देते थे
योग गुरु शिवानंद योग साधना को ज्यादा प्राथमिकता देते और दूसरों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करते थे। अस्पताल के डॉ देवाशीष ने बताया कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह तीन दिनों से बीएचयू में भर्ती थे। उनका पार्थिव शरीर शनिवार की देर रात दुर्गाकुंड स्थित आश्रम पर लाया गया। शिष्यों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार रविवार को हरिश्चंद्र घाट पर किया जाएगा।

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