भोपाल में चर्चित क्लब 90 को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुएकिय किया ध्वस्त

भोपाल
 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 'लव जिहाद' कांड वाले मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। रेप के आरोपी जिस क्लब 90 रेस्टोरेंट में हिंदू लड़कियों के साथ दुष्कर्म करते थे, उसके अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया है। वहीं इस क्लब 90 रेस्टोरेंट को सील भी कर दिया गया है।

दरअसल, भोपाल में कॉलेज छात्राओं से रेप, ब्लैकमेलिंग और 'लव जिहाद' के मामले को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम क्लब-90 रेस्टोरेंट भी गई थी। जहां कॉलेज छात्राओं को ले जाने के बाद आरोपी फरहान और उसके साथ गलत काम करते थे। इसके साथ ही आरोपियों को फंडिंग करने वालों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
नगर निगम ने निरस्त किया लीज

वहीं दूसरी ओर, सोमवार शाम को जिला प्रशासन ने भी कार्रवाई की। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि क्लब-90 का अवैध हिस्से को तोड़ दिया गया। नगर निगम ने लीज निरस्त करके अपने कब्जे में ले लिया है।

तीन पीड़िताओं के बयान दर्ज

सोमवार की शाम को राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने रेप पीड़िताओं के बयान दर्ज किए हैं। एक होटल में ठहरी टीम ने तीन पीड़िताओं को वहीं बुलाया। होटल के एक कमरे में उनके बयान दर्ज किए गए हैं। रविवार को एक पीड़िता का बयान दर्ज किया जा चुका था। बता दें कि महिला आयोग की टीम रायसेन रोड स्थित उस कॉलेज में भी गई थी जहां पीड़ित छात्राएं पढ़ती हैं। वहां पहुंचकर टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की कि इसके पहले लड़कियों ने कभी शिकायत दर्ज कराई है या नहीं। कॉलेज के प्रबंधन और प्रोफेसरों से लंबी पूछताछ की। टीम ने कॉलेज की सुरक्ष व्यवस्था की भी जांच की।

सोमवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की तीन सदस्यीय टीम पीड़िताओं के कॉलेज के अलावा यहां भी पहुंची थी। शाम को राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने 3 पीड़िताओं के बयान दर्ज किए।पीड़िताओं को होटल रेडिसन बुलाया गया था। रविवार को एक पीड़िता के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।

पीड़िताओं के कॉलेज भी पहुंची NCW की टीम इससे पहले आयोग की टीम रायसेन रोड स्थित उस कॉलेज भी गई जहां पीड़ित छात्राएं पढ़ती हैं। इस दौरान टीम ने कॉलेज प्रशासन, अधिकारियों और पीड़ित छात्राओं को पढ़ाने वाले स्टाफ से लंबी पूछताछ की।

टीम ने कॉलेज परिसर में छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े इंतजामों पर भी विस्तार से जांच की। जांच के दौरान ये पता लगाने की कोशिश की गई कि क्या पीड़ित छात्राओं ने पहले कभी आरोपियों के खिलाफ किसी भी तरह की शिकायत कॉलेज प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों से की थी।

विभाग के प्रमुखों से अलग-अलग बातचीत की 5 पीड़िताओं की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर इस मामले की जांच कर रही एसआईटी के वरिष्ठ अधिकारी भी महिला आयोग की टीम के साथ कॉलेज पहुंचे। आयोग की टीम ने कॉलेज स्टाफ और संबंधित विभाग प्रमुखों से अलग-अलग बातचीत कर जानकारी ली।
उस क्लब भी टीम गई जहां छात्राओं को ले जाते थे आरोपी कॉलेज से निकलने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम क्लब-90 रेस्टोरेंट पहुंची। यहां उन्होंने क्लब का जायजा लिया। इसी रेस्टोरेंट में आरोपी पीड़िताओं को ले जाने के बाद गलत काम करते थे। इस बात का खुलासा मुख्य आरोपी फरहान और साहिल ने पुलिस की पूछताछ में किया था।

पुलिस-आयोग के बीच होटल रेडिसन में बैठक सूत्रों के मुताबिक, रविवार को महिला आयोग की टीम और भोपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच होटल रेडिसन में इस केस को लेकर अहम बैठक हुई। टीम ने मामले की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी। महिला आयोग की टीम बाग सेवनिया थाने भी पहुंची थी, जहां केस की शुरुआती कार्रवाई की गई थी

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति