कांग्रेस नेता सज्जनसिंह वर्मा के पुत्र गगन वर्मा का निधन

 इंदौर

मध्य प्रदेश की तत्कालीन कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा के 48 वर्षीय पुत्र गगन वर्मा का गुरुवार सुबह निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि, गगन लंबे समय से बीमार थे। उनकी अंतिम यात्रा इंदौर स्थित उनके निज निवास 122 पलसीकर कॉलोनी से गुरुवार दोपहर 3 बजे रीजनल पार्क मुक्तिधाम पिपलियापाला पहुंचेगी।

 पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा के परिवार के मुताबिक, गगन वर्मा करीब 20 साल पहले एक एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी में समस्या आई। इसके चलते वो व्हीलचेयर पर आ गए थे। करीब तीन-चार महीने से वो बीमार थे और बॉम्बे अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती थे।

परिवार में शोक की लहर

कुछ दिनों से उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई। वो स्पेशल चाइल्ड थे। सज्जन वर्मा समेत पूरे वर्मा परिवार के वो बहुत लाड़ के थे। उनके निधन से पूरा वर्मा परिवार शोक में है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी और सभी नेताओं ने गगन के निधन पर दुख व्यक्त किया है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति