हिंदू धर्म में गंगा दशहरा पर्व का विशेष महत्व, गंगा दशहरा कब है? जानें इस दिन क्या दान करें और क्या नहीं

नई दिल्ली
हिंदू धर्म में गंगा दशहरा पर्व का विशेष महत्व है। यह त्योहार हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल गंगा दशहरा 05 जून 2025 को है। गंगा दशहरा को गंगावतरण के नाम से जाना जाता है, जिसका अर्थ है गंगा का अवतरण। गंगा दशहरा का पर्व मां गंगा को समर्पित है। भक्त इस दिन मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं। इस दिन गंगा नदी में स्नान करना व दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है। जानें गंगा दशहरा पर क्या दान करें और क्या नहीं-

गंगा दशहरा पर क्या दान करें- गंगा दशहरा पर जूते,चप्पल, टोपी व छाता का दान अत्यंत शुभ माना गया है। ज्येष्ठ माह में गर्मी का प्रचंड रूप देखने को मिलता है। ऐसे में इस दिन सत्तू, पानी से भरपूर मौसमी फल, शरबत व जल का दान शुभ माना गया है। इस दिन गरीब ब्राह्मण को वस्त्र व भोजन का दान करना चाहिए और सामर्थ्यनुसार धन का दान भी करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और समस्त पापों से मुक्ति मिलती है।

गंगा दशहरा पर इन चीजों का दान नहीं करें: गंगा दशहरा पर पुरानी या टूटी हुई वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए। इस दिन धारदार चीजों का दान करना भी अशुभ माना गया है। गंगा दशहरा के दिन काले रंग के वस्त्र का दान नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। गंगा दशहरा पर जूठी या अशुद्ध वस्तुओं का दान पाप के समान माना गया है। इस दिन शुद्धता व पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

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