अयोध्या में शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी पंचतत्व में हुए विलीन

अयोध्या

सिक्किम में शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी अयोध्या में पंचतत्व में विलीन हो गए। उनका अंतिम संस्कार पवित्र सरयू के जमथरा घाट पर किया गया। मुखाग्नि शहीद के पिता जंग बहादुर तिवारी ने दी। इस दौरान सेना के अफसरों ने शहीद के पिता को ढांढस बंधाया। इससे पहले शहीद के आवास से हजारों की संख्या में स्थानीय लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। सेना के अधिकारियों ने जमथरा घाट पर श्रद्धांजलि देते हुए सलामी दी।

रामनगरी के लाल शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी का पार्थिव शरीर शुक्रवार की रात उनके गद्दोपुर मझवा स्थित आवास पहुंचा। सेना के अधिकारी मिलिट्री हॉस्पिटल से पार्थिव शरीर लेकर उनके घर पहुंचे। शनिवार को सुबह से उनके घर पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा।

जनप्रतिनिधियों के साथ ही स्थानीय नागरिकों ने शशांक को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद सेना के जवान पार्थिव शरीर को लेकर सरयू के जमथरा घाट पहुंचें। इस दौरान भारत माता की जय, शहीद शशांक अमर रहें…जैसे नारों से क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। वहां पर शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

लोगों ने शहीद शशांक तिवारी को दी श्रद्धांजलि
जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही सहित जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे, एसएसपी गौरव ग्रोवर, डोगरा रेजीमेंट सेंटर के उच्चाधिकारियों और विधायक वेद प्रकाश गुप्त, रामचंद्र यादव, अमित सिंह, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, पूर्व मंत्री पवन पांडेय, पूर्व मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव समेत अन्य लोगों ने शहीद शशांक तिवारी को श्रद्धांजलि दी।

 

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