आखिर IPL फाइनल जीतने पर टीम के मालिकों को क्या मिलता है?, जाने कितना पैसा मिलता है?

नई दिल्ली 
IPL यानी इंडियन प्रीमियर लीग सिर्फ क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि एक बड़ा बिजनेस प्लेटफॉर्म बन चुका है। हर साल जैसे ही फाइनल मुकाबला नजदीक आता है, फैंस के बीच जोश चरम पर होता है लेकिन इसी बीच एक सवाल भी उठता है आखिर IPL फाइनल जीतने पर टीम के मालिकों को क्या मिलता है? सिर्फ ट्रॉफी नहीं, इसके पीछे करोड़ों की कमाई और एक जबरदस्त बिजनेस स्ट्रैटेजी छिपी होती है। इस रिपोर्ट में हम आपको सरल भाषा में बताएंगे कि IPL 2025 में फाइनल जीतने पर मालिकों को कहां से पैसा मिलता है और कितना मिलता है।

IPL जीतने पर कितनी मिलती है प्राइज मनी?
आईपीएल की प्राइज मनी हर साल लगभग तय होती है। साल 2024 की बात करें तो:

चैम्पियन टीम को 20 करोड़ रुपये
 रनर-अप टीम को 12.4 करोड़ रुपये
     
तीसरे नंबर की टीम को 7 करोड़ रुपये
चौथे नंबर की टीम को 6.5 करोड़ रुपये मिले थे

2025 में भी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यही पैटर्न दोहराया जा सकता है। हालांकि बीसीसीआई ने इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन प्रायः इसमें बड़ा बदलाव नहीं होता।

क्या सिर्फ प्राइज मनी ही होती है मालिकों की कमाई?
बिलकुल नहीं। प्राइज मनी तो सिर्फ शुरुआत है। असली कमाई तो कई और रास्तों से होती है। IPL टीमों का बिजनेस मॉडल बेहद विस्तृत है जिसमें कई रेवेन्यू सोर्स शामिल होते हैं। आइए जानते हैं वो कौन-कौन से स्रोत हैं जिससे मालिकों की कमाई होती है।

Sponsorship से होती है करोड़ों की कमाई
टीम की जर्सी पर जो ब्रांड्स के लोगो दिखते हैं, वो Sponsorship Deals के तहत आते हैं। इनसे मिलने वाली रकम करोड़ों में होती है। हर एक ब्रांड जो टीम की किट, हेलमेट या बैट पर नजर आता है, उसके पीछे एक बड़ी डील होती है।

मुख्य प्रायोजक (Main Sponsor) टीम को 20-40 करोड़ रुपये तक देते हैं
Co-sponsors और Associate Sponsors भी 5-10 करोड़ तक दे सकते हैं

ये रकम सीधे टीम के मालिकों के खाते में जाती है
टिकट बिक्री से भी मोटी कमाई
IPL में हर टीम के अपने होम ग्राउंड होते हैं और जब वहां मैच होता है तो टिकट की बिक्री का बड़ा हिस्सा टीम मालिकों को मिलता है। खासकर फाइनल और प्लेऑफ जैसे हाई-वोल्टेज मैचों में टिकट की कीमतें आसमान छूती हैं। इससे करोड़ों की कमाई हो जाती है।

Broadcasting Revenue से मिलता है बड़ा हिस्सा
IPL का टेलीकास्ट करोड़ों दर्शक देखते हैं। इस पर जो विज्ञापन आते हैं उनका हिस्सा BCCI और टीम मालिकों में बंटता है। हर फ्रेंचाइज़ी को एक तय रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल के तहत पैसा मिलता है।

हर टीम को Broadcasting Revenue से सालाना 100-200 करोड़ रुपये तक की कमाई हो सकती है
ये कमाई टीम के प्रदर्शन और फैनबेस पर भी निर्भर करती है

मर्चेंडाइज की बिक्री से भी फायदा
टीम के नाम से बिकने वाली टी-शर्ट, कैप, बैंड और अन्य चीजों की बिक्री से भी अच्छी कमाई होती है। खासकर बड़े खिलाड़ियों वाली टीमों जैसे चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और RCB की मर्चेंडाइज की डिमांड काफी रहती है। IPL टीमों की सोशल मीडिया पर भी करोड़ों की फॉलोइंग होती है। इससे भी ब्रांड वैल्यू बनती है, जिसे देखकर बड़े ब्रांड्स टीम से जुड़ना चाहते हैं। यही ब्रांड वैल्यू भविष्य में स्पॉन्सरशिप डील्स की रकम बढ़ा देती है।

बीसीसीआई से सीधा हिस्सा
बीसीसीआई IPL से होने वाली कुल कमाई में से हर टीम को सालाना एक तय हिस्सा देती है। यह भी करोड़ों में होता है। इसमें स्टेडियम से मिलने वाली इनकम, IPL Central Sponsorship और अन्य कमाई शामिल होती है।

  • admin

    Related Posts

    AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

    नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

    तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति