लोक संगीत के क्षेत्र मे राष्ट्रीय लोक गायिका मान्या पाण्डेय का विशेष योगदान

भोपाल 
सुश्री मान्या ने बढ़ाया प्रदेश का गौरव सीधी जिले की राष्ट्रीय लोक गायिका एवं देश की सबसे छोटी लोक गायिका मान्या पाण्डेय का विंध्य क्षेत्र के लोक संगीत को आगे बढ़ाने एवं संरक्षित करने में विशेष योगदान रहा है। सुश्री मान्या पाण्डेय विंध्य क्षेत्र की एक मात्र ऐसी लोक गायिका हैं जो बहुत कम उम्र में देश भर में बघेली लोकगीतों को पहुंचा रही है।

5 वर्ष से गायन
लोक गायिका सुश्री मान्या पाण्डेय 5 वर्ष की छोटी उम्र से मंचीय प्रस्तुति दे रही है। अब तक देश के विभिन्न प्रदेशों लगभग 422 मंचों में प्रस्तुति दे चुकी हैं। इसके साथ ही देश के विभिन्न राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक न्यूज चैनल्स में अपने लोकगीतों की प्रस्तुति दे चुकी हैं। बघेली लोकगीतों के साथ-साथ बुंदेली, अवधी, मैथिली, भोजपुरी, छत्तीसगढ़ी लोकगीतों का अनुभव भी है।

मान्या सीधी पर्यटन, सीधी पुलिस, नेशनल आर्टिस्ट यूनियन बिहार, झारखंड, उत्थान सामाजिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक समिति सीधी-रीवा (म.प्र.) की ब्रांड एम्बेसडर भी रही हैं। कांसेप्ट कम्यूनिकेशन कंपनी मुंबई द्वारा मध्यप्रदेश माध्यम, म.प्र. शासन का उपक्रम के द्वारा इन्फ्लुएन्सर नियुक्त किया गया है। आपके द्वारा भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली, मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग भोपाल, स्वराज संस्था भोपाल, जनजाजीय लोककला एवं बोली विकास अकादमी भोपाल, मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग भोपाल आदि शासकीय आयोजनों में सहभागिता के माध्यम से शासकीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है।

अविस्मरणीय क्षण
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में वर्ष 2023 में मध्य प्रदेश के रीवा में “धरती कहे पुकार” कार्यक्रम में मान्या पाण्डेय ने प्रस्तुति दी, उक्त प्रस्तुति को प्रधानमंत्री ने 11 मिनट खड़े होकर कार्यक्रम को देखा और मान्या पाण्डेय की प्रसंशा की। मुख्यमंत्री एवं संस्कृति मंत्री के द्वारा सम्मानित किया गया था।

मिला सम्मान
वर्ष 2015 से अब तक शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं के द्वारा सुश्री मान्या पाण्डेय को लोकगायन पर उत्कृष्ट एवं विशिष्ट 238 सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। जिसमें 2015 को महाउर कला सम्मान, 2016 में तुलसी सम्मान, 2017 में विंध्य कला सम्मान, 2018 में विंध्य शिखर सम्मान, 2019 में भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय द्वारा कला सम्मान, 2020 में काशी सम्मान, 2021 में छत्तीसगढ कला सम्मान, 2022 में नर्मदा सम्मान, 2023 में नारायणी नमः सम्मान, 2024 में साहित्य कला अकादमी भोपाल के द्वारा साहित्य सम्मान, विंध्य कला सम्मान एवं विन्ध्य लोकरंग सम्मान आदि प्रमुख हैं।

 

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