रतलाम-नागदा के बीच रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजना की मंजूरी प्रदेश के लिए बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में रेल सुविधाओं के विकास और रेल नेटवर्क के विस्तार को गति प्रदान करने के लिए डबल इंजन सरकार पूरी तरह संकल्पित भाव से कार्य कर रही है। वर्तमान में देश का स्वर्णिम काल चल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि देश में रेल से अच्छा यातायात का कोई अन्य साधन नहीं है। इस नाते केंद्र सरकार रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाते हुए प्रदेश में अलग-अलग रेलवे ट्रैक को विस्तार दे रही है। इसी क्रम में आर्थिक मामलों की केंद्रीय मंत्रिमंडलीय समिति ने रतलाम से नागदा के बीच रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजना को स्वीकृति दी है जो मध्यप्रदेश के लिए बड़ी सौगात है। इससे मालवा अंचल में न सिर्फ रेल कनेक्टिविटी बढ़ेगी बल्कि अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई रेल परियोजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्निनी वैष्णव का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रेल परियोजनाओं की स्वीकृति से संबंधित प्रेस वार्ता में पन्ना से वर्चुअली जुड़े।

रतलाम-नागदा परियोजना से प्रतिवर्ष बचेगा 7.5 करोड़ लीटर डीजल
रेल मंत्री श्री वैष्णव ने बताया कि रतलाम से नागदा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने से प्रतिवर्ष 7.5 करोड़ लीटर डीजल की बचत होगी। रतलाम-नागदा मल्टीट्रैकिंग परियोजना से पर्यावरण को भी लाभ पहुंचेगा। इससे 38 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन रोका जा सकेगा। कार्बन उत्सर्जन के लिहाज से देखा जाए तो यह 1.5 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर परियोजना है। वर्चुअल कार्यक्रम में सांसद श्री अनिल फिरोजिया, सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप, वरिष्ठ सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश को मिलेगी तीन नई रेल गाड़ियों की सौगात
रेल मंत्री श्री वैष्णव ने बताया कि मध्यप्रदेश को जल्द ही तीन नई ट्रेनों की सौगात भी मिलने जा रही है। इनमें पहली ट्रेन रीवा-सतना-जबलपुर-पुणे, दूसरी ट्रेन जबलपुर से रायपुर वाया नैनपुर-गोंदिया और तीसरी ट्रेन ग्वालियर-भोपाल-पुणे-बंगलुरु शामिल हैं। दो महीने पहले नई दिल्ली से डॉ. अंबेडकर नगर (महू) के लिए नई ट्रेन सेवा शुरू हो चुकी है।

सिंहस्थ के लिए प्रयागराज की तर्ज पर विकसित करेंगे रेल सुविधाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेल मंत्रालय ने प्रदेश में प्रारंभ नई रेल परियोजनाओं से बड़ी संख्या में रेल उपयोगकर्ता लाभान्वित होंगे। विश्व धरोहर स्थल खजुराहो तक रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने और सिंहस्थ-2028 की दृष्टि से छोटे-छोटे अंडरपास तैयार करना आवश्यक हैं। रेल मंत्री श्री वैष्णव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आश्वस्त करते हुए कहा कि सिंहस्थ के भव्य आयोजन के लिए प्रयागराज की तर्ज पर उज्जैन तक रेल सुविधाओं का विकास कार्य होगा।

दो प्रांतों के लगभग बीस लाख नागरिक होंगे लाभान्वित
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडलीय आर्थिक मामलों की समिति ने बुधवार को मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के लिए 2 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं की मंजूरी दी। परियोजना की अनुमानित लागत 3,399 करोड़ रूपए है। इन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं के अंतर्गत रतलाम से नागदा के मध्य तीसरी और चौथी लाइन बिछाने का कार्य होगा। वहीं महाराष्ट्र में वर्धा से बल्हारशाह तक चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी। इन दोनों मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं के पूर्ण होने पर भारतीय रेल नेटवर्क में लगभग 176 किलोमीटर तक विस्तार होगा। लगभग 784 गांवों में निवासरत 19.74 लाख नागरिकों तक रेलवे संपर्क सुविधा पहुंचेगी। इससे यात्रियों को सुगम एवं निर्बाध यात्रा का लाभ मिलेगा। साथ ही वस्तुओं के परिवहन कार्य को भी गति मिलेगी।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति