मंत्री सारंग ने अपेक्स बैंक परिसर में लगाया अशोक वृक्ष

भोपाल

सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि सहकारिता विभाग पूरी प्लानिंग के साथ हर सोसायटी और विभागीय परिसरों में पौधरोपण करें। उन्होंने इसके लिये राज्य संघ और बीज संघ को इसकी जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि दीर्घकालीन और छायादार सहित उपयोगी प्रजाति के पौधो का रोपण किया जाये। मंत्री सारंग ने कहा कि मास्टर प्लान इस तरह का हो कि संरक्षण और संवर्धन के साथ साल भर में लाखों पौधे लगे। मंत्री सारंग ने गुरूवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर "एक पेड़ माँ के नाम" कार्यक्रम के तहत अपेक्स बैंक परिसर में अशोक का पौधा रोपा। अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने भी पौधरोपण किया।

सनातन धर्म पर्यावरण का देता है संदेश

मंत्री सारंग ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण-संवर्धन करना और आगे आने वाली पीढ़ी को जागरूक करना हमारी जिम्मेदारी है। हमारी संस्कृति, सनातन, दर्शन, धर्म, विचार सब पर्यावरण से जुडा हुआ है। पर्यावरण का अर्थ है पेड़, पौधे, पहाड, नदियाँ और ईको सिस्टम से मनुष्य पशु-पक्षी सब जुडें हैं। भारतीय संस्कृति नदी को वॉटर बॉडी नहीं मानती, हमारा अध्यात्म दर्शन नदी को माँ मानता है। नर्मदा मैया और गंगा मैया की हम अर्चना करते है, पर्वत को भगवान स्वरूप पूजते है। गोवर्धन पर्वत और कामतानाथ जी की हम परिक्रमा करते है। महिलाएँ साल भर में 5-6 ऐसे त्यौहार मनाती है जिसमें पेड़ों की परिक्रमा की जाती है। हरतालिका तीज जैसे त्यौहारों का विशेष महत्व है। यही नहीं भगवान का वाहन पशु-पक्षी हैं। शिवजी जहां एक ओर नाग को धारण किये है वहीं जटाओं के जरिये माँ गंगा को पृथ्वी पर लाये है। हमारा पूरा दर्शन, सनातन, धर्म, विचार पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है।

विकास हो विरासत के साथ

मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकास की बात की तो विरासत को साथ लेकर चलने की बात की। विकास का मतलब पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुँचें और पेड़ भी नहीं कटे। कारखाने लगना विकास और भविष्य की लिये जरूरी है। इसलिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट के माध्यम से निर्णय लिया कि जितना औद्योगिक क्षेत्र बने उतना वन भी लगाया जाये। प्रधानमंत्री मोदी "एक पेड़ माँ के नाम" का संदेश यही है कि पृथ्वी माँ को चिरस्थायी बनाने के लिये पौधरोपण करें। यहीं नहीं अपने माता-पिता के नाम, अपने परिजन के जन्म दिवस और सालगिरह जैसे अवसरों पर समाज के उज्जवल भविष्य के लिये पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण कर आने वाली पीढ़ी को भविष्य के लिये उपयोगी, दीर्घकालीन उपहार सौपकर जायें, इससे हम रहे न रहे हमारी याद बनी रहे।

इस अवसर पर प्रबंध संचालक विपणन संघ अलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक मनोज पुष्प, उप सचिव मनोज सिन्हा, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता, प्रबंध संचालक सहकारी संघ ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक बीज संघ महेन्द्र दीक्षित, संयुक्त आयुक्त अम्बरीष वैद्य, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अरूण माथुर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति