Indore’s Raja Raghuvanshi Murder: राजा का परिवार बोला-सोनम खुद हत्या करना कबूले

इंदौर. इंदौर कपल केस में हुए खुलासे ने सबको दंग कर दिया है। जिसे पीड़ित मानकर लोग राजा की मौत के बाद से खोज रहे थे,असल में वही कातिल निकली। अपने पति के मर्डर की सुपारी दी थी। एक तरफ सोनम के माता-पिता बेटी को कातिल मानने को तैयार ही नहीं हैं। पिता तो सीबीआई जांच के मांग कर रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर इस खुलासे के बाद पहली बार राजा रघुवंशी के परिवार का बयान सामने आया है। राजा के भाई विपुल भी अभी सोनम को आरोपी मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सोनम खुद यह स्वीकार नहीं करती,हम उसे आरोपी नहीं मानेंगे।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजा रघुवंशी के भाई ने कहा कि मैंने रात लगभग 2 बजे गोविंद से बात की। उसने मुझे बताया कि सोनम उत्तर प्रदेश में मिल गई है। जब हमने यूपी पुलिस से संपर्क किया,तो पुलिस सोनम को ले गई। उसने आत्मसमर्पण नहीं किया है। विपुल ने आगे कहा,"जब तक सोनम खुद यह स्वीकार नहीं करती,हम उसे आरोपी नहीं मानेंगे। राजा और सोनम दोनों अपनी शादी में खुश थे। मैंने कभी उन दोनों को लड़ते हुए नहीं देखा। पुलिस ने अभी तक मेरे भाई की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं सौंपी है।"

उन्होंने मेघालय के मुख्यमंत्री पर भी सवाल उठाए। विपुल ने कहा कि मेघालय के मुख्यमंत्री कहते रहते हैं कि पुलिस इस मामले में 24 घंटे काम कर रही है,लेकिन हम एसपी को फोन करते रहे और उन्होंने कभी हमारा फोन नहीं उठाया। हमें कोई जानकारी नहीं है कि सोनम गाजीपुर कैसे पहुंची। विपुल ने मांग की कि हम चाहते हैं कि मध्य प्रदेश पुलिस और सीबीआई इस मामले की जांच करें। शिलांग पुलिस ने हमारे साथ कोई जानकारी साझा नहीं की।" अंत में उन्होंने कहा,"मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि अगर सोनम इस मामले में शामिल है तो उसे सजा मिलनी चाहिए।

राजा के भाई विपुल ने आगे कहा कि मुझे उन 3-4 लोगों के बारे में तब तक कोई जानकारी नहीं थी जब तक मुझे उनके नाम पता नहीं चले। राज कुशवाहा का नाम सामने आया है,जिसका मतलब है कि सोनम हत्या में शामिल हो सकती है। राज कुशवाहा सोनम का कर्मचारी था। वे लगातार फोन पर बात करते थे। जब उनकी शादी तय हुई थी तब वे दोनों खुश थे।हमने कभी नहीं सोचा था कि सोनम ऐसा कुछ करेगी। मेघालय सरकार दूसरों की संलिप्तता के बारे में झूठ नहीं बोल रही है। मैंने आज तक राज कुशवाहा को कभी नहीं देखा,मैंने सिर्फ उसका नाम सुना है। सोनम इसमें शामिल हो सकती है। उन्हें सिर्फ मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए असम जाना था। उसके बाद उन्होंने कहा कि वे शिलांग जा रहे हैं। हमें नहीं पता कि उन दोनों में से किसने मेघालय जाने की योजना बनाई थी। उन्होंने कोई वापसी का टिकट भी बुक नहीं किया था।

इससे पहले सोनम के माता-पिता ने भी बेटी को दामाद का कातिल मानने से इनकार कर दिया। पिता तो चाहते हैं कि सीबीआई जांच हो,इससे सारा सत सामने आ जाएगा। सोनम के पिता ने राज कुशवाहा से संबंधों को भी बकवास करार दिया और कहा कि दोनों की रजामंदी से शादी हुई थी। सोनम के पिता ने तो यहां तक कहा कि अगर सीबीआई जांच हो जाए तो पूरा थाना जेल में बैठेगा। मां ने कहा कि धन्यवाद कि सोनम मिल गई,लेकिन हमें दुख है कि राजा नहीं बच सका। लड़का चला गया। हम चाहते हैं कि इसके पीछे कातिल कौन है,उसे जल्द से जल्द पकड़ा जाए।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति