‘मैंने उस दिन सोनम के साथ 3 पुरुषों को देखा था’

इंदौर। हनीमून मनाने मेघालय गए इंदौर के जोड़े राजा और सोनम रघुवंशी को लेकर शनिवार को वहां के एक गाइड़ ने बड़ा दावा किया। इस टूरिस्ट गाइड का कहना है कि जिस दिन यह कपल सोहरा क्षेत्र से लापता हुआ था, उस दिन उनके साथ तीन अन्य लोग भी मौजूद थे और उसने उन चारों को सीढ़ियां चढ़कर जाते हुए देखा था।

उस गाइड ने पुलिस के पास भी अपना बयान रिकॉर्ड करा दिया है और एक पुलिस अधिकारी ने भी उसके बयान देने की पुष्टि की है। इंदौर का रहने वाला यह कपल 23 मई को लापता हुआ था, जबकि इसके 11 दिन बाद राजा का शव 2 जून को एक खाई में क्षत-विक्षत हालत में मिल गया था, जबकि उनकी पत्नी अबतक लापता है।

यह नया दावा शिलांग के करीब मावलाखियात इलाके में गाइड का काम करने वाले अल्बर्ट पीडी ने किया है। पीडी ने पीटीआई को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उसने इस जोड़े को तीन पुरुष पर्यटकों के साथ 23 मई की सुबह करीब 10 बजे नोंग्रियात से मावलाखियात तक 3,000 से ज्यादा सीढ़ियां चढ़ते हुए देखा था। अल्बर्ट ने बताया कि वह उस दंपति को पहचानता है, क्योंकि उनके लापता होने से एक दिन पहले उसने उन्हें नोंग्रियात तक चढ़ने के लिए अपनी सेवाएं देने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने विनम्रतापूर्वक मना कर दिया था और एक अन्य गाइड को नियुक्त कर लिया था।

अल्बर्ट ने कहा, 'चारों पुरुष आगे चल रहे थे, जबकि महिला पीछे थी। चारों पुरुष हिंदी में बातचीत कर रहे थे, लेकिन मैं समझ नहीं पाया कि वे क्या बोल रहे थे, क्योंकि मैं केवल खासी और अंग्रेजी ही बोलना जानता हूं।' अल्बर्ट ने कहा कि 'मैंने 22 मई को उस कपल को नोंग्रियाट ले जाने के लिए अपनी सेवाएं देने की पेशकश की थी, लेकिन वो भा-वान्साई नाम के एक अन्य गाइड से बात कर चुके थे। इसके बाद उन्होंने शिपारा होमस्टे में रात बिताई और अगले दिन बिना गाइड के ही लौट आए।'

गाइड ने दावा किया, 'जब मैं मावलाखियात पहुंचा, तब तक उनका स्कूटर वहां नहीं था।' उसने अपना बयान पुलिस के पास भी दर्ज करा दिया है। इस नवविवाहित जोड़े ने जो स्कूटर किराये पर लिया था, वह मावलाखियात के पार्किंग स्थल से कई किलोमीटर दूर, सोहरारिम में पाया गया था, और उसमें चाबी भी लगी हुई थी।

इस बीच सोनम के बारे में अभी तक कुछ भी पता नहीं चल सका है। ऐसे में उनके भाई गोविंद ने फिलहाल शिलांग में ही डेरा डाल रखा है, साथ ही उन्होंने राज्य सरकार पर सोनम की तलाश के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने और उसकी तलाश ऐसे करने का आरोप लगाया, जैसे वह मर चुकी हो।

गोविंद ने कहा, 'हमें पूरा विश्वास है कि सोनम जीवित है, लेकिन वे उसे ऐसे खोज रहे हैं जैसे वह मर चुकी हो।' इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से इस मामले की जांच में सीबीआई या किसी अन्य एजेंसी से मदद लेने का आग्रह भी किया। उधर राज्य के मुख्यमंत्री कॉनराड संगना ने आश्वासन दिया है कि सरकार लापता महिला को खोजने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है। फिलहाल NDRF, SDRF, पर्वतारोहियों की टीम खोजी कुत्तों और ड्रोन की मदद से सोनम की तलाश कर रही है।

बता दें कि राजा का क्षत-विक्षत शव 2 जून को वेइसाडोंग झरने के पास एक घाटी में पाया गया था। हालांकि उसके शरीर से सोने की अंगूठी और गले की चेन गायब पाई गई थीं, जिससे उसकी हत्या का शक गहराने लगा था, बाद में पीएम रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई। एक दिन बाद, पास में ही खून से सना एक चाकू मिला और दो दिन बाद, दंपति द्वारा पहना गया एक रेनकोट के समान एक रेनकोट भी सोहरारिम और उस घाटी के बीच में मावक्मा गांव में पाया गया, जहां राजा का शव मिला था।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति