रूस के सुरक्षा बलों ने यूक्रेन में व्यापक स्तर पर ड्रोन हमले किये जिनमें दो लोगों की मौत, 60 से अधिक लोग घायल

यूक्रेन 
रूस और यूक्रेन के बीच 39 महीने से चल रही जंग अब और भी भयानक होती जा रही है।  रूस के सुरक्षा बलों ने बीती रात यूक्रेन में व्यापक स्तर पर ड्रोन हमले किये जिनमें दो लोगों की मौत हो गई जबकि 60 से अधिक लोग घायल हो गए। यूक्रेन के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यूक्रेन की वायुसेना ने कहा कि 85 शहीद ड्रोन और अन्य प्रकार के ड्रोन ने खारकीव शहर और दूसरे इलाकों को निशाना बनाया। वायु रक्षा प्रणाली ने 40 ड्रोन को रोक दिया। खारकीव सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में से एक रहा है, जहां दो रिहाइशी जिलों में 17 ड्रोन हमले हुए। खारकीव के मेयर इहोर तेरेखोव ने यह जानकारी दी। तेरेखोव ने टेलीग्राम पर लिखा, “वे साधारण स्थान हैं, जहां आम लोग शांतिपूर्ण तरीके से रह रहे हैं। उन्हें निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए था।”

स्थानीय प्रशासन के प्रमुख ओलेह सिनिहुबोव के अनुसार दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि कम से कम 60 लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो से 15 साल की उम्र के नौ बच्चे भी शामिल हैं। मंगलवार तड़के भी रूस ने यूक्रेन की राजधानी  कीव और दक्षिणी बंदरगाह शहर ओडेसा पर जबरदस्त ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिनमें  3 लोगों की मौत  हो गई और  13 अन्य घायल हो गए।यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की  ने इस हमले को अब तक के "सबसे बड़े हमलों में से एक" बताया है। उनके अनुसार, रूस ने रातभर में 315 ड्रोन और 7 मिसाइलें  दागीं, जिनमें से अधिकतर  ‘शहीद ड्रोन’   (ईरानी तकनीक पर आधारित) थे।

ओडेसा के प्रांतीय गवर्नर ओलेह किपर ने बताया कि हमले में शहर के मातृत्व अस्पताल और कई आवासीय इमारतें  क्षतिग्रस्त हो गईं। यहां दो लोगों की मौत हुई और 9 लोग घायल हुए।वहीं कीव के ओबोलोन जिले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 4 अन्य घायल हो गए। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस के इन हमलों को दुनिया के लिए चेतावनी बताया और कहा कि अब  अमेरिका और यूरोप को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “रूसी ड्रोन और मिसाइलों की आवाज उन सभी कोशिशों से तेज़ है जो दुनिया रूस को शांति के रास्ते पर लाने के लिए कर रही है।” बता दें कि रूस-यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था और अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। हाल ही में  तुर्की में शांति वार्ता  की कोशिश हुई थी, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके उलट अब दोनों देशों के हमलों में तेजी देखी जा रही है। 

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